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Prayagraj : दरोगा की जांच में बीएचएस प्रिंसिपल की मार्कशीट फर्जी मिली, एसीपी ने लगाई आपत्ति

Thu, 19 Sep 2024 04:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Sep 2024 04:56 PM IST
सार

बिशप ने आरोप लगाया कि डेविड ए ल्यूक की परास्नातक की अंकतालिका हेतु शिकायत मिली थी कि कूटरचना एवं जालसाजी से उक्त जाली मार्कशीट बनाकर वर्ष 2012 से अब तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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Inspector's investigation found BHS Principal's mark sheet fake, ACP raised objection
ब्वॉयज हाईस्कूल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ब्वॉयज हाईस्कूल के प्रिंसिपल डेविड ए ल्यूक की एमए की मार्कशीट सिविल लाइंस थाने के दरोगा ने जांच में फर्जी पाई। बिशप मॉरिस एडगर दान की आईजीआरएस शिकायत पर यह जांच की गई। फिलहाल एसीपी सिविल लाइंस ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति लगा दी है। अफसरों का कहना है कि मामले में जांच जारी है।

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बिशप ने आरोप लगाया कि डेविड ए ल्यूक की परास्नातक की अंकतालिका हेतु शिकायत मिली थी कि कूटरचना एवं जालसाजी से उक्त जाली मार्कशीट बनाकर वर्ष 2012 से अब तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसकी जांच सिविल लाइंस थाने के एसएसआई चंद्रभान सिंह ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रकरण में पत्राचार के माध्यम से छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से डेविड ए ल्यूक का एमए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के अंकतालिका का सत्यापन कराया गया।
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इसमें एमए प्रथम वर्ष 2006 अनुक्रमांक 630122 विषय हिंदी छात्र पूजा वर्मा व एमए द्वितीय वर्ष 2007 अनुक्रमांक 361222 विषय उर्दू छात्र तकदीस फातिमा आवंटित है। यह भी कहा कि प्रकरण में अब तक की तमामी जांच, बयान आवेदक व बयान विपक्षी डेविड ए ल्यूक उपरोक्त व अन्य साक्ष्य संकलन से स्पष्ट है कि उनकी एमए के अंकपत्र व डिग्री प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर फर्जी एवं कूटरचित जालसाजी से निर्मित होना पाया गया। ल्यूक पर ब्वॉयज हाईस्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनकर कुटरचित दस्तावेज व जालसाजी, कूटरचना से अंकतालिका बनवाकर धोखा देने की बदनीयती से भत्ते व वेतन का 3.25 करोड़ रुपये का भुगतान कर गबन करने का अपराध प्रथमदृष्टया प्रमाणित होता है।
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यह भी लिखा कि इस प्रकरण में विधिक राय प्राप्त करने के लिए प्रत्यावेदन प्रेषित किया गया है। हालांकि इस जांच पर एसीपी ने आपत्ति लगा दी। प्रकरण के सभी बिंदुओं पर जांच नहीं किए जाने पर यह आपत्ति लगाई गई।डीसीपी नगर जोन अभिषेक भारती ने बताया कि एसीपी की ओर से आपत्ति लगाई गई है। जांच अभी प्रचलित है। मैंने बिशप पर अनियमितता के आरोपों को लेकर पूर्व में केस किया है। मामला कोर्ट में भी है। इसलिए गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरे सभी दस्तावेज पूर्ण रूप से सही हैं। - डेविड ए ल्यूक, प्रिंसिपल, बीएचएस

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