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प्रयागराज : बाट-माप विभाग का इंस्पेक्टर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
Fri, 29 Oct 2021 10:46 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 29 Oct 2021 10:46 PM IST
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arrested demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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बाट-माप विभाग का वरिष्ठ निरीक्षक जीतेंद्र कुमार झा 20 हजार की रिश्वत लेेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि माप-तौल के लाइसेंस के लिए उसने यह रकम मांगी थी। शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया और फिर उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
फूलपुर के मनिकापुर महजुदवा गांव के रहने वाले धीरेन्द्र कुमार सिंह पुत्र रामलखन सिंह ने माप तौल का लाइसेंस बनवाने के लिए बाट-माप विभाग का आवेदन किया था। आरोप है कि वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान जितेंद्र ने लाइसेंस बनाने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये मांगे। उसने इसकी शिकायत विजिलेंस अफसरों से की। शिकायती प्रार्थनापत्र का सत्यापन कराए जाने पर प्रथमदृष्टया यह सही पाया गया। जिसके बाद विजिलेंस की ओर से आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
इसके तहत शुक्रवार को आरोपी इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता के जरिए फूलपुर के इफको गेस्टहाउस में बुलवाया गया। यहां जैसे ही आरोपी इंस्पेक्टर ने नगदी ली, विजिलेंस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके कब्जे से नगदी भी बरामद कर ली। इसके बाद उसे फूलपुर थाने ले जाया गया जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
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फूलपुर के मनिकापुर महजुदवा गांव के रहने वाले धीरेन्द्र कुमार सिंह पुत्र रामलखन सिंह ने माप तौल का लाइसेंस बनवाने के लिए बाट-माप विभाग का आवेदन किया था। आरोप है कि वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान जितेंद्र ने लाइसेंस बनाने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये मांगे। उसने इसकी शिकायत विजिलेंस अफसरों से की। शिकायती प्रार्थनापत्र का सत्यापन कराए जाने पर प्रथमदृष्टया यह सही पाया गया। जिसके बाद विजिलेंस की ओर से आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
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इसके तहत शुक्रवार को आरोपी इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता के जरिए फूलपुर के इफको गेस्टहाउस में बुलवाया गया। यहां जैसे ही आरोपी इंस्पेक्टर ने नगदी ली, विजिलेंस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके कब्जे से नगदी भी बरामद कर ली। इसके बाद उसे फूलपुर थाने ले जाया गया जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
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