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संवेदनहीनताः कूड़ा गाड़ी में भरकर मर्चरी भेजवाया शव

Fri, 03 Jan 2020 02:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 02:06 AM IST
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Insensitivity: Dead body filled with garbage and sent to marchery
Insensitivity: Dead body filled with garbage and sent to marchery
संवेदनहीनता: कूड़ा गाड़ी में लदवाकर मर्चरी भेजवाया शव
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नवाबगंज के लालगोपालगंज में मृत मिला था अधेड़
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शासन की मंशा है कि पुलिस संवेदनशील बने लेकिन जिला पुलिस में तैनात कुछ कर्मचारी उसकी मंशा को पलीता लगाने में लगे हुए हैं। शायद यही वजह है कि अज्ञात शवों के निस्तारण में वह अपने विभाग के मुखिया यानी डीजीपी के भी निर्देशों को नहीं मानते। ऐसा ही मामला नवाबगंज में सामने आया है जहां मृत मिले अधेड़ के शव को कूड़ा गाड़ी में लदवाकर मर्चरी भेजवा दिया गया। पुलिस की यह कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटना दो दिन पहले यानी 31 दिसंबर की है। लालगोपालगंज में पटेल ढाबा के पास स्थित एक खाली पड़े भवन में अधेड़ मृत पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर वहां आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि 50 वर्षीय इस अधेड़ के बारे में कोई कुछ बता नहीं सका। जिसके बाद पुलिस ने शव को मर्चरी भेजवाने की कार्रवाई शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान संवेदनहीनता का परिचय देते हुए पुलिसकर्मियों ने लालगोपालगंज नगर पंचायत की कूड़ा ढोने वाली गाड़ी में शव लदवाकर उसे मर्चरी भेजव दिया। कूड़ा गाड़ी के साथ गए पुलिसकर्मी शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। इस दौरान कुछ मीडिया के लोगों ने तस्वीरें लेने की कोशिश की तो उन्हें रोकने की भी कोशिश की। फिलहाल नवाबगंज पुलिस की यह संवेदनहीनता चर्चा का विषय बनी हुई है।
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डीजीपी का आदेश भी ठेंगे पर
अज्ञात शवों के निस्तारण में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिलने के बाद पिछले साल डीजीपी ओपी सिंह ने सर्कुलर भेजकर इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि अज्ञात शवों को पोस्टमार्टम या अंतिम संस्कार के लिए ले जाते वक्त पूर्ण सम्मान व मर्यादा का ख्याल रखा जाए। साथ ही शव बंद वाहन या एंबुलेंस में ही ले जाया जाए। इसमें यह भी बताया गया कि अज्ञात शवों के निस्तारण के लिए प्रति शव 2700 रुपये का प्रावधान किया गया है। जिसमें कफन के लिए 300, जलाने की लकड़ी या दफनाने की स्थिति में खुदाई, पटाई के लिए 2000 व शव को मर्चरी या श्मशान घाट ले जाने के लिए 400 रुपये निर्धारित की गई है। सभी जिलों के कप्तानों को भेजे गए इस सर्कुलर में यह भी कहा गया था कि अफसर सभी थानों में गोष्ठी कर मातहतों को प्रावधानों की जानकारी देकर निर्देशित करें कि वह अज्ञात शवों का निस्तारण मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के अनुसार करना सुनिश्चित करें।
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