Prayagraj : पर्यावरण अध्ययन में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के प्रभाव के बारे में छात्राओं को दी गई जानकारी
एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रयागराज के प्राणि विज्ञान विभाग द्वारा डीएसटी-क्यूरी योजना के तहत पर्यावरण तकनीकों में तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
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एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रयागराज के प्राणि विज्ञान विभाग द्वारा डीएसटी-क्यूरी योजना के तहत पर्यावरण तकनीकों में तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुद्र प्रकाश ओझा की ओर से पर्यावरण अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव पर एक विशेष व्याख्यान भी दिया गया। डॉ. रुद्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयोग के बारे में बताया। कहा कि एआई मॉडल मौसम के पैटर्न, कार्बन फुट प्रिंट में कमी, महासागर संरक्षण की भविष्यवाणी करने के लिए जलवायु डेटा का विश्लेषण करते हैं। यह एआई जलवायु आपदाओं की भविष्यवाणी मानव की तुलना में अधिक तेजी से और अधिक सटीक रूप से कर सकता है।
डॉ. ओझा ने बताया कि कैसे यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल महाकुंभ में सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, भीड़ और सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा। यह एआई एक स्थायी भविष्य की खोज में एक गेम चेंजर हो सकता है। इस कार्यक्रम का परिचयात्मक भाषण डॉ. सिप्पी सिंह ने दिया तथा स्वागत भाषण डॉ. शुभ्रा मालवीय, सहायक प्रोफेसर, प्राणि विज्ञान विभाग, एसएसकेजीडीसी ने दिया।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरिता अग्रवाल ने दिया। इस व्याख्यान के दौरान प्रो. लालिमा सिंह, प्रो. अर्चना ज्योति, प्रो. प्रीति सिंह, डॉ. शुभ्रा मालवीय, डॉ. सिप्पी सिंह, डॉ. ए. रहमान, डॉ. सरिता अग्रवाल, डॉ. दुर्गेश सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. शिवम मिश्रा उपस्थित थे। इस कार्यशाला में एस.एस.के.जी.डी.सी के यूजी, पीजी कोर्स के छात्राएं तथा शोधार्थी तथा संकाय सदस्य उपस्थित थे।