इंदिरा मैराथन : विजेता को मिलेगा दो लाख रुपये का पुरस्कार, मार्ग 42.195 किमी की होगी रेस
डीएम ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए एक हजार लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें खेल विभाग, एनसीसी, पीआरडी और सेना के लोग भी शामिल हैं। साथ ही बड़ी संख्या में यातायात पुलिस को भी तैनात किया गया है। 42.195 किलोमीटर की इस मैराथन में पहली बार जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से थीम भी रखी गई है।
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एथलेटिक्स संघ, जिला प्रशासन एवं खेल विभाग की ओर से अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन का आयोजन 19 नवंबर को भव्य तरीके से होगा। इसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। बृहस्पतिवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने मैराथन मार्ग के गड्ढों को दो दिनों के भीतर भरने के साथ ही आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।
बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डीएम ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए एक हजार लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें खेल विभाग, एनसीसी, पीआरडी और सेना के लोग भी शामिल हैं। साथ ही बड़ी संख्या में यातायात पुलिस को भी तैनात किया गया है। 42.195 किलोमीटर की इस मैराथन में पहली बार जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से थीम भी रखी गई है। रन फॉर स्वच्छता, नो प्लास्टिक रन के बैनर तले मैराथन का आयोजन होगा।
मैराथन मार्ग पर 16 बूथ जलपान के बनाए जाएंगे। प्रत्येक किलोमीटर पर इंडीकेटर बोर्ड लगाए जाएंगे। पूरे मार्ग पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी गश्त करती नजर आएंगी। आगे चलने वाले 14 धावकों के साथ पायलट भी मौजूद रहेंगे, जोकि उनकी निगरानी करेंगे। मैराथन के दौरान गाड़ियों से आगे रहने वाले धावकों के नाम का एलान भी किया जाएगा। धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन पर अलग-अलग रंग भी डाला जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह भी मौजूद रहीं।
मार्ग में नहीं किया गया है कोई परिवर्तन
इंदिरा मैराथन के मार्ग में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है। मैराथन को सुबह साढ़े छह बजे मुख्य अतिथि व खेल राज्यमंत्री गिरिश चंद्र यादव हरी झंडी दिखाकर आनंद भवन से रवाना करेंगे। इसके बाद धावक इविवि, आयुक्त आवास, एनसीसी हेडक्वार्टर, ट्रैफिक पुलिस लाइन, मेयोहॉल, धोबीघाट चौराहा, एजी ऑफिस, पोलो ग्राउंड, हाईकोर्ट, पत्थर गिरजाघर, हनुमान मंदिर चौराहा, सीएमपी कॉलेज, बैरहना, नया यमुना पुल, रीवा रोड, चाका ब्लॉक, दांदूपुर पेट्रोल पंप तक जाएंगे। वापसी में इसी मार्ग से होते हुए धावक सेंट जोसेफ स्कूल होते हुए चंद्रशेखर आजाद पार्क में स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समापन स्थल तक पहुंचेंगे।
विजेता को मिलेगा दो लाख रुपये का पुरस्कार
मैराथन के विजेता को दो लाख, दूसरे स्थान के धावक को एक लाख और तीसरे स्थान के धावक को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। जबकि चार से लेकर 14वें स्थान तक के धावक को सांत्वना पुरस्कार के तहत दस-दस हजार रुपये दिए जाएंगे। यह दोनों वर्ग (पुरुष व महिला) के लिए होगा। निर्धारित समय से पहले समापन स्थल तक पहुंचने वाले सभी धावकों को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
यातायात भी रहेगा प्रभावित
मैराथन मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आनंद भवन से लेकर हनुमान मंदिर चौराहे तक सुबह छह से 8:15 बजे तक और सीएवी कॉलेज से लेकर दांदूपुर पेट्रोल टंकी तक दोपहर 11 बजे तक यातायात बाधित रहेगा।