{"_id":"5830b8764f1c1b5c568fe2c1","slug":"indira-marathon-military-domination","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदिरा मैराथन पर सेना का दबदबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदिरा मैराथन पर सेना का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 20 Nov 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन के 32वें संस्करण पर सेना का दबदबा रहा। शीर्ष तीन स्थानों पर सेना के धावकों का कब्जा रहा। पुरुष वर्ग में हैदाबाद आर्मी के सनवरू यादव पहले, वहीं के लालजी यादव दूसरे एवं आर्मी पुणे के नवीन हुड्डा तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, महिला वर्ग में महाराष्ट्र की ज्योति शंकर गवते लगातार चौथी बार मैराथन की विजेता रहीं। खास यह कि इस बार हंडिया, इलाहाबाद की अराधना ने तीसरा स्थान हासिल कर जिले का माना बढ़ाया। जबकि, दूसरे स्थान पर हमीरपुर की रंजना खंगार रहीं। दोनों वर्गों में विजेताओं को दो-दो लाख रुपये, उपविजेताओं को एक-एक लाख और तीसरे स्थान वालों को 75-75 रुपये की प्राइजनी मिली।
शनिवार को आयोजित इंदिरा मैराथन में सनवरू यादव ने 42.195 किमी की मैराथन दो घंटे 22 मिनट 15 सेकेंड में पूरी की जबकि 2012 की मैराथन में इतनी ही दूरी उन्होंने दो घंटे 22 मिनट 41 सेकेंड में पूरी की थी और तीसरे स्थान पर थे। गति में कोई परिवर्तन नहीं दिखा लेकिन चार वर्ष बाद वह तीसरे से पहले स्थान पर पहुंच गए। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रवेश किया और ट्रैक का एक चक्कर लगाकर विजेता के तौर पर मैराथन पूरी की। तीन बार मैराथन के विजेता रह चुके रेलवे के अरविंद ने भी इंट्री कराई थी और उन्हें चेस्ट नंबर भी दिया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि अरविंद से सेना के धावकों को कड़ी टक्कर मिलेगी लेकिन मैराथन रूट पर वह कहीं नजर नहीं आए और शीर्ष 14 स्थानों में भी अपनी जगह नहीं बना सके।
मैराथन में सेना के धावकों ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। सनवरू यादव, नवीन हुड्डा को काफी दूरी तक ओलंपिक क्वालीफायर राहुल कुमार पाल टक्कर देते नजर आए लेकिन आधी दूरी तय करने के बाद टर्निंग प्वाइंट पर सेना के लालजी यादव ने अचानक गति पकड़ ली और राहुल को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद लालजी यादव ने मुड़कर नहीं देखा। धावकों के बीच यह फासला अंत तक बना रहा और राहुल कुमार पाल को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। उधर, महिला वर्ग में लगातार चौथी बार विजेता बनीं ज्योति शंकर गवते ने शुरू से ही बढ़त बना ली थी। उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को कहीं भी आगे नहीं बढ़ने दिया। नतीजा कि अपने रिकार्ड को और बेहतर करते हुए मैराथन दो घंटे, 50 मिनट और 57 सेकेंड में पूरी कर ली। इससे पूर्व सुबह साढ़े छह बजे डीआईजी विजय यादव ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर आनंद भवन से रवाना किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को आयोजित इंदिरा मैराथन में सनवरू यादव ने 42.195 किमी की मैराथन दो घंटे 22 मिनट 15 सेकेंड में पूरी की जबकि 2012 की मैराथन में इतनी ही दूरी उन्होंने दो घंटे 22 मिनट 41 सेकेंड में पूरी की थी और तीसरे स्थान पर थे। गति में कोई परिवर्तन नहीं दिखा लेकिन चार वर्ष बाद वह तीसरे से पहले स्थान पर पहुंच गए। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रवेश किया और ट्रैक का एक चक्कर लगाकर विजेता के तौर पर मैराथन पूरी की। तीन बार मैराथन के विजेता रह चुके रेलवे के अरविंद ने भी इंट्री कराई थी और उन्हें चेस्ट नंबर भी दिया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि अरविंद से सेना के धावकों को कड़ी टक्कर मिलेगी लेकिन मैराथन रूट पर वह कहीं नजर नहीं आए और शीर्ष 14 स्थानों में भी अपनी जगह नहीं बना सके।
विज्ञापन
मैराथन में सेना के धावकों ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। सनवरू यादव, नवीन हुड्डा को काफी दूरी तक ओलंपिक क्वालीफायर राहुल कुमार पाल टक्कर देते नजर आए लेकिन आधी दूरी तय करने के बाद टर्निंग प्वाइंट पर सेना के लालजी यादव ने अचानक गति पकड़ ली और राहुल को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद लालजी यादव ने मुड़कर नहीं देखा। धावकों के बीच यह फासला अंत तक बना रहा और राहुल कुमार पाल को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। उधर, महिला वर्ग में लगातार चौथी बार विजेता बनीं ज्योति शंकर गवते ने शुरू से ही बढ़त बना ली थी। उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को कहीं भी आगे नहीं बढ़ने दिया। नतीजा कि अपने रिकार्ड को और बेहतर करते हुए मैराथन दो घंटे, 50 मिनट और 57 सेकेंड में पूरी कर ली। इससे पूर्व सुबह साढ़े छह बजे डीआईजी विजय यादव ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर आनंद भवन से रवाना किया।
विज्ञापन