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इंडियन गर्ल्स स्कूल के कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द

Sat, 05 Sep 2020 01:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 01:00 AM IST
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indian girls intercollege employee suspension case
-कर्मचारी के विद्यालय में प्रवेश पर रोक, वेतन देने का निर्देश
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंडियन गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रयागराज के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी को बर्खास्त करने और उसकी बर्खास्तगी को रद्द करने का जिलाविद्यालय निरीक्षक प्रयागराज का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने विद्यालय प्रबंध समिति को नए सिरे से नियमानुसार जांच और कार्रवाई करने की छूट दी है। इस दौरान कर्मचारी को नियमित वेतन देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कर्मचारी के विद्यालय में प्रवेश पर रोक लगाते हुए डीआईओएस को इस दौरान उसे कहीं अन्य अटैच करने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद इंडियन गर्ल्स एजूकेशनल सोसाइटी, प्रयागराज की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया। याची सोसाइटी ने डीआईओएस के आठ जून 2020 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश से डीआईओएस ने विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा कर्मचारी समफराज को बर्खास्त करने और इस आदेश के खिलाफ समफराज की अपील कमेटी ऑफ मैनेजमेेंट द्वारा खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया है। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पक्ष रखा।
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वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना था कि याची को गलत आचरण के आरोप में प्रधानाचार्य ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निलंबित कर दिया। उसने नोटिस का जवाब दिया, जिसे असंतोषजनक मानते हुए उसे चार्जशीट दी गई। इसके बाद समफराज को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसने प्रधानाचार्य के आदेश को कमेटी ऑफ मैनेजमेंट के समक्ष अपील दाखिल कर चुनौती दी। मैनेजमेंट ने उसकी अपील खारिज कर दी। इस आदेश को डीआईओएस प्रयागराज के समक्ष चुनौती दी गई और उन्होंने प्रधानाचार्य तथा कमेटी ऑफ मैनेजमेंट के आदेश को रद़्द कर दिया।
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डीआईओएस की ओर से पेश अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी का कहना था कि कर्मचारी को उसका पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। उसे सुने बिना बर्खास्तगी आदेश एकतरफा पारित किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति से डीआईओएस, प्रधानाचार्य और कमेटी ऑफ मैैनेजमेंट के आदेश को रद़्द कर दिया। कमेटी को नए सिरे से जांच और विभागीय कार्रवाई नियमानुसार शुरू करने की छूट दी है। इस दौरान कर्मचारी समफराज को वेतन का नियमित भुगतान और 60 दिन के भत्तों का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कर्मचारी को जांच लंबित रहने के दौरान विद्यालय परिसर में न जाने की हिदायत दी है तथा डीआईओएस से उसे कहीं और अटैच करने के लिए कहा है।
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