Army : भारतीय सेना को मिले 31 जांबाज हेलिकॉप्टर पॉयलट, बीएफटीएस में कठिन ट्रेनिंग के बाद पूरा हुआ कोर्स
बमरौली स्थित बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (बीएफटीएस) में पांच माह की कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय सेना को 31 जांबाज हेलिकॉप्टर पॉयलट मिल गए हैं। 211 वें आर्मी एविएटर्स कोर्स के समापन पर बताया गया कि इन जवानों ने पांच महीने के दौरान कठोर उड़ान और जमीनी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बमरौली स्थित बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (बीएफटीएस) में पांच माह की कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय सेना को 31 जांबाज हेलिकॉप्टर पॉयलट मिल गए हैं। 211 वें आर्मी एविएटर्स कोर्स के समापन पर बताया गया कि इन जवानों ने पांच महीने के दौरान कठोर उड़ान और जमीनी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसमें 25 ने आर्मी पॉयलट कोर्स और छह ने भारतीय तट रक्षक स्टेज-टू पॉयलट कोर्स पूरा किया।
कोर्स पूरा होने के अवसर पर बमरौली स्थित वायु सेना स्टेशन पर समापन समारोह का आयोजन हुआ। इसमें एयर कमोडोर जीकेजे रेड्डी, चीफ फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑफिसर मुख्यालय प्रशिक्षण कमान समारोह के समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुए। उनकी अगुवाई बीएफटीएस के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर अभिमन्यु सिंह ने की। विदाई समारोह के दौरान सफलता प्राप्त प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया तथा अव्वल आने वाले अधिकारियों को ट्राफी से सम्मानित किया।
इस दौरान लेफ्टिनेंट शुभम ने ग्राउंड सब्जेक्ट में पहला स्थान हासिल किया। कैप्टन आशुतोष कुमार को फ्लाइंग में प्रथम आने के लिए ट्राफी दी गई। कैप्टन प्रसाद कोहिनकर को ओवर ऑल मेरिट में सर्वश्रेष्ठ आने पर ट्राफी से नवाजा गया। इंडियन कोस्ट गार्ड स्टेज-टू पॉयलट कोर्स के असिस्टेंट कमांडेंट निश्चय भार्गव ने जमीनी विषय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। डिप्टी कमांडेंट सुमीत कुमेत को उड़ान में प्रथम स्थान और असिस्टेंट कमांडेंट निश्चय भार्गव को भी ओवर ऑल मेरिट में सर्वश्रेष्ठ आने के लिए ट्राफी मिली।
वायुसेना का प्रमुख उड़ान प्रशिक्षण संस्थान है बीएफटीएस
बमरौली स्थित बीएफटीएस भारतीय वायु सेना का एक प्रमुख उड़ान प्रशिक्षण संस्थान है। रक्षा मंत्रालय के पीआरओ एवं ग्रुप कैप्टन समीर गंगाखेड़कर ने बताया कि एचपीटी-३२ विमान पर पायलटों को प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 16 दिसंबर 1987 में इसकी स्थापना हुई। यहां पांच जुलाई 1999 से भारतीय वायुसेना के फ्लाइट कैडेटों को तैयार करने के साथ भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के अफसरों को प्रशिक्षित करना शुरू हुआ। हेलीकॉप्टर पर भारतीय सेना के अफसरों को प्रारंभिक उड़ान प्रशिक्षण देने के लिए 26 दिसंबर 2005 बीएफटीएस चेतक हेलिकॉप्टरों से सुसज्जित किया गया।