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महाकुंभ: कल से पेशवाई और तैयारी अधूरी
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Mon, 17 Dec 2012 03:56 PM IST
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महाकुंभ मेले की शान अखाड़ों की पेशवाई मंगलवार से शुरू हो रही है। शाही स्नान को भी अब गिनती के दिन बचे हैं लेकिन मेला क्षेत्र में अब तक कोई भी काम पूरा नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी के काम की रफ्तार सबसे धीमी है। विभाग के रवैये से साधु-संत भी नाराज हैं लेकिन काम में तेजी के लिए अधिकारी किसी भी तरह से सख्ती नहीं कर पा रहे हैं।
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संगम अपर और संगम लोअर को छोड़ दिया जाए तो बड़े क्षेत्र में अभी तक मात्र 25 से 40 फीसदी ही काम हुआ। चकर्ड प्लेट बिछाने का काम सबसे ज्यादा पिछड़ा है जबकि इसकी सबसे अधिक जरूरत है। बिना चकर्ड प्लेट लोग मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
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मेला क्षेत्र के अरैल हर्षवर्धन मार्ग, मुक्ति मार्ग, झूंसी बैंक मार्ग, भारद्वाज मार्ग, शंकराचार्य मार्ग, रामानंद अ, ब, स, द मार्ग, तुलसी मार्ग, अखाड़ा मार्ग, अखाड़ा वापसी मार्ग, बिरला मंदिर से शमशान घाट मार्ग, गंगा बैंक मार्ग, मनसैता नाला से दाहिने ओर मार्ग और शास्त्री पुल के नीचे पुल के समानांतर मार्ग पर अब तक केवल 40 फीसदी चकर्ड प्लेट बिछाई जा सकी हैं।
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प्रतिदिन साधु-संतों और श्रद्धालुओं के वाहन वहां फंस रहे हैं। कई जगह चकर्ड प्लेट बिछाई गई है तो उसे अब तक नट-बोल्ट से कसा नहीं गया है। भारी वाहनों के गुजरने के कारण काफी चकर्ड प्लेट अपने स्थान से खसक कर दूर चली गई हैं और कई वाहन धंसे हैं।
झूंसी की ओर बदरा सोनौटी, जहां सबसे ज्यादा विदेशी मेहमान आते हैं, काम सबसे ज्यादा पिछड़ा है। यहां स्ट्रीट लाइट से लेकर चकर्ड प्लेट मार्ग बनाने तक का काम अभी मात्र 25 फीसदी हुआ है। अखाड़ों के जमीन के विवाद को सुलझाने में नाकाम मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र पीडब्ल्यूडी के लापरवाह अफसरों पर भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
पीपा खत्म, पांटून पुल पर संकट
महाकुंभ के लिए सबसे जरूरी पांटून पुलों का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि छतनाग से अरैल को जोड़ने वाले पांटून पुल में लगाने के लिए पीडब्ल्यूडी के पास पीपे खत्म हो गए हैं। पुल के लिए ठेकेदार को पूर्व में जो पीपे दिए गए, उसमें से कई क्रैक हैं या फूटे हुए हैं।
महाकुंभ मेला क्षेत्र में छतनाग से अरैल को जोड़ने के लिए अप और डाउन दो पुलों का निर्माण होना है। अप पांटून पुल में कुल 134 पीपे लगने हैं लेकिन पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार को अब तक मात्र 72 पीपे उपलब्ध कराए हैं। वहीं, अरैल में खड़ंजा मार्ग बनाने में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता और अवर अभियंता की मिलीभगत से ठेकेदार लंबा ‘खेल’ कर रहे हैं।