फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   in the ranking of allahabad university will be betterment

इविवि की एनआईआरएफ रैंकिंग सुधरने के संकेत

Mon, 01 Jun 2020 12:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
in the ranking of allahabad university  will be betterment
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थानों की रैंक निर्धारण की प्रक्रिया को इस बार स्थगित कर दिया है। मंत्रालय इसे हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह में नेशनल इंस्टीट्यूट फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के नाम से जारी करता है। पिछली बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) टॉप 200 शिक्षण संस्थानों की सूची में भी जगह नहीं बना सका था लेकिन इस बार टॉप 100 में आने के संकेत मिल रहे हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग जारी होने से पहले निजी एजेंसियां भी रैंकिंग जारी करती हैं, जिसमें इविवि को इस बार 42वां स्थान मिला है।
विज्ञापन

हालांकि इविवि प्रशासन को एनआईआरएफ रैंकिंग जारी होने का इंतजार है, क्योंकि तमाम अनुदान इसी रैंकिंग के आधार पर मिलते हैं और पिछले कुछ वर्षों में एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि का ग्राफ लगातार तेजी से गिरा है। लॉक डाउन के कारण स्थगित हुई एनआईआरएफ रैंकिंग इस बार जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में जारी की जा सकती है। मंत्रालय की ओर से एनआईआरएफ रैंकिंग की व्यवस्था 2016 से लागू की गई थी। इससे पहले निजी एजेंसियां ही रैंक जारी करती थीं। 2016 की एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि को 68वां स्थान मिला था जबकि 2017 में विश्वविद्यालय को 95वीं रैंक हासिल हुई थी। 2018 में स्थित काफी खराब हो गई और इविवि को टॉप-100 शिक्षण संस्थानों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय को 144वीं रैंक मिली थी।
विज्ञापन

पिछली बार यानी वर्ष 2019 में जारी हुई एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि को तगड़ा झटका लगा। विश्वविद्यालय टॉप-200 शिक्षण संस्थानों की सूची में भी जगह नहीं बना सका। हर साल एनआईआरएफ रैंकिंग से पहले निजी एजेंसियों भी रैंकिंग जारी करती है। एजेंसियों भी उन्हीं मानकों को आधार बनाकर रैंक तय करती हैं, जिन मानकों पर एनआईआरएफ की रैंकिंग निर्धारित की जाती है। ऐसे में निजी एजेंसियों और एनआईआरएफ की रैंकिंग में पांच से दस फीसदी का ही अंतर होता है। निजी एजेंसी एजूकेशन वर्ल्ड की ओर से जारी रैंकिंग में इविवि को देश में 42वां और उत्तर प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि इस बार एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि को देश के टॉप-100 शिक्षण संस्थानों में जगह मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘विश्वविद्यालय की तरक्की के लिए सबका सहयोग अपेक्षित है। विश्वविद्यालय छात्रों का है और विश्वविद्यालय को आगे ले जाने में छात्रों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय में अब संवादहीनता नहीं रह गई है। एक सिस्टम के तहत काम हो रहा है। इविवि प्रशासन का पूरा प्रयास होगा कि सभी के साथ मिलकर विश्वविद्यालय को बुलंदियों पर पहुंचाया जा सके और संस्थान की पुरानी पहचान वापस लाई जा सके।’ प्रो. आरआर तिवारी, कुलपति, इविवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed