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विधायक विजमा को गिरफ्तार कर हाजिर करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 10 Jun 2015 02:07 AM IST
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इलाहाबाद। जिला अदालत ने प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव को धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के मामले में गैरजमानती वारंट जारी किया है। पुलिस को निर्देश दिया है कि तीन जुलाई तक विजमा को गिरफ्तार कर अदालत में हाजिर किया जाए। उनके खिलाफ थरवई थाने में वादी मुकदमा बनारसीलाल की जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज है। 21 जनवरी 2008 को कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए विजमा को हाजिर होने का निर्देश दिया था। मगर वह हाजिर नहीं हुई। एसीजेएम रेशमा परवीन ने अभियुक्त की लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए मंगलवार को उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।
विजमा यादव ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 12 मार्च 2012 को उनकी याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि यदि वह चार माह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करती हैं तो इस दौरान उनके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। विजमा यादव हाईकोर्ट के आदेश से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। सुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया था। तब से मुकदमा लंबित था।
गत दो जून को अदालत के समक्ष प्रत्रावली पेश की गई तो एसीजेएम रेशमा प्रवीन ने सुप्रीमकोर्ट में लंबित एसएलपी की अद्यतन स्थिति जाननी चाही। मंगलवार को वादी मुकदमा द्वारा सुप्रीमकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति दाखिल कर बताया गया कि एसएलपी खारिज की जा चुकी है। अभियुक्ता राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है और सत्तारूढ़ दल की विधायक है इसलिए पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर रही है। विजमा यादव का पक्ष रखने के लिए अदालत में कोई उपस्थित नहीं था। कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी करते हुए कहा कि पत्रावली से स्पष्ट है कि अभियुक्त को मुकदमे की पूरी जानकारी है।
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विजमा यादव ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 12 मार्च 2012 को उनकी याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि यदि वह चार माह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करती हैं तो इस दौरान उनके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। विजमा यादव हाईकोर्ट के आदेश से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। सुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया था। तब से मुकदमा लंबित था।
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गत दो जून को अदालत के समक्ष प्रत्रावली पेश की गई तो एसीजेएम रेशमा प्रवीन ने सुप्रीमकोर्ट में लंबित एसएलपी की अद्यतन स्थिति जाननी चाही। मंगलवार को वादी मुकदमा द्वारा सुप्रीमकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति दाखिल कर बताया गया कि एसएलपी खारिज की जा चुकी है। अभियुक्ता राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है और सत्तारूढ़ दल की विधायक है इसलिए पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर रही है। विजमा यादव का पक्ष रखने के लिए अदालत में कोई उपस्थित नहीं था। कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी करते हुए कहा कि पत्रावली से स्पष्ट है कि अभियुक्त को मुकदमे की पूरी जानकारी है।
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