{"_id":"5a5125414f1c1bd1408b5128","slug":"in-delhi-instead-of-nine-for-the-fog-it-will-take-18-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे में दिल्ली के लिए नौ की बजाय लगेंगे 18 घंटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे में दिल्ली के लिए नौ की बजाय लगेंगे 18 घंटे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
रेल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘दुर्घटना से देर ही भली’ सूत्र वाक्य का इन दिनों रेलवे पूरी तरह से अमल कर रहा है। पिछले कई दिनों से पड़ रहे कोहरे की वजह से उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इलाहाबाद मंडल ने अपने यहां चलने वाली ट्रेनों की स्पीड घटा दी है। इलाहाबाद से दिल्ली के बीच जो ट्रेनें 110 से 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फर्राटा मारती थीं वे अब 10 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ही चल रही हैं। ऐसे में इलाहाबाद से दिल्ली का जो सफर जो ट्रेनें तकरीबन नौ घंटे में तय करती हैं वे अब 18 घंटे या उससे अधिक का समय लगा रही है। रेल अफसरों का कहना है कि सेफ्टी की वजह से ही ऐसा किया गया है। जब तक कोहरा है तब तक यात्री सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनें अपनी आधी या उससे कम रफ्तार पर ही चलेंगी।
शनिवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में डीआरएम एसके पंकज ने बताया कि यात्री सुरक्षा से हम कोई समझौता नहीं कर सकते। इसी वजह से रात के समय मंडल में पटरियों की चेकिंग के लिए एक हजार अतिरिक्त पेट्रोल मैन की तैनाती कर दी है। रात 11 बजे से सुबह सात बजे तक विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है। दो-दो किलोमीटर के क्षेत्र को रात में अधिकतम चार दफे तक चेक किया जा रहा है। दरअसल इस मौसम में रेल फ्रैक्चर की घटनाएं सर्वाधिक होती है। इसके अलावा 80 सीनियर ऑफिसर एवं सुपरवाइजर फुट प्लेट का भी निरीक्षण कर रहे हैं। ब्रांच लाइनों में ड्राइवरों को एलर्ट करने के लिए सिग्नल के तकरीबन 300 मीटर पहले पटाखे लगाए जा रहे है। ताकि उसकी आवाज से ड्राइवरों को सिग्नल की जानकारी मिल सके। रेल इंजनों में फॉग डिवाइस लगाई गई है। इसके लगाये जाने के बाद ड्राइवरों को 500 मीटर पहले ही सिगनल की जानकारी मिल जा रही है।
कोहरे के दौरान ट्रेन धीमी गति से चलती है। ऐसे में यात्री जब सफर करें तो अपने साथ खाने पीने की सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखे। यात्री सुविधा के मद्देनजर नॉन स्टाप ट्रेनों का ठहराव भी कुछ प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है। ताकि यात्री स्टेशनों पर खाने पीने का समान ले सके। यात्रियों को भी चाहिए कि ट्रेन पकड़ने के लिए अगर वे अपने घर से निकलते हैं तो एक बार ट्रेन इनक्वायरी डॉट काम या रेलवे की 139 सेवा से संबंधित ट्रेन के आगमन-प्रस्थान की जानकारी जरूर लें ले।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में डीआरएम एसके पंकज ने बताया कि यात्री सुरक्षा से हम कोई समझौता नहीं कर सकते। इसी वजह से रात के समय मंडल में पटरियों की चेकिंग के लिए एक हजार अतिरिक्त पेट्रोल मैन की तैनाती कर दी है। रात 11 बजे से सुबह सात बजे तक विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है। दो-दो किलोमीटर के क्षेत्र को रात में अधिकतम चार दफे तक चेक किया जा रहा है। दरअसल इस मौसम में रेल फ्रैक्चर की घटनाएं सर्वाधिक होती है। इसके अलावा 80 सीनियर ऑफिसर एवं सुपरवाइजर फुट प्लेट का भी निरीक्षण कर रहे हैं। ब्रांच लाइनों में ड्राइवरों को एलर्ट करने के लिए सिग्नल के तकरीबन 300 मीटर पहले पटाखे लगाए जा रहे है। ताकि उसकी आवाज से ड्राइवरों को सिग्नल की जानकारी मिल सके। रेल इंजनों में फॉग डिवाइस लगाई गई है। इसके लगाये जाने के बाद ड्राइवरों को 500 मीटर पहले ही सिगनल की जानकारी मिल जा रही है।
विज्ञापन
कोहरे के दौरान ट्रेन धीमी गति से चलती है। ऐसे में यात्री जब सफर करें तो अपने साथ खाने पीने की सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखे। यात्री सुविधा के मद्देनजर नॉन स्टाप ट्रेनों का ठहराव भी कुछ प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है। ताकि यात्री स्टेशनों पर खाने पीने का समान ले सके। यात्रियों को भी चाहिए कि ट्रेन पकड़ने के लिए अगर वे अपने घर से निकलते हैं तो एक बार ट्रेन इनक्वायरी डॉट काम या रेलवे की 139 सेवा से संबंधित ट्रेन के आगमन-प्रस्थान की जानकारी जरूर लें ले।
विज्ञापन