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इविवि में हैदराबाद के कुलपति का विरोध, बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 09 Aug 2016 02:58 AM IST
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इविवि में इंस्पायर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से डीएसटी इंस्पायर इंटर्नशिप विज्ञान शिविर के उद्घाटन पर विरोध करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में सोमवार को एक बार फिर हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित बेमुला की मौत का मद्दा उठा। पांच दिनी ‘इंस्पायर’ कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल वहां के कुलपति प्रोफेसर अप्पाराव पोडिले का छात्रों ने तीव्र विरोध किया। छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह की अगुवाई में पहुंचे विद्यार्थियों ने जमकर नारेबाजी। इसमें दो दिन पहले विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्र भी शामिल रहे। जबरदस्ती गेट खोलकर छात्र मंच पर भी पहुंच गए और हंगामा किया। धक्का-मुक्की में हाल के गेट का शीशा टूट गया। इस दौरान पोडियम गिरने से कई शिक्षकों को चोट लग गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं को बाहर किया। इसके बाद आयोजन हो सका। आयोजन के दौरान भी छात्र-छात्रा बाहर डटे रहे। हैदराबाद के अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू को किसी तरह से बाहर निकाला गया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित इंस्पायर कार्यक्रम सुबह नौ बजे शुरू होना था लेकिन छात्र इससे पहले ही वहां पहुंच गए और प्रोफेसर अप्पाराव का विरोध करने लगे। वे अप्पाराव वापस जाओ का नारा लगा रहे थे। कुलपति प्रोफेसर हांगलू के खिलाफ भी नारेबाजी की। विरोध कर रहे विद्यार्थियों के हाल में घुस जाने से तनाव बढ़ गया और कार्यक्रम में शामिल बच्चों को चोट लगने का अंदेशा बन गया। हालांकि इस गहमा-गहमी में बच्चे तो सुरक्षित रहे लेकिन कई शिक्षकों को चोट लग गई। छात्र-छात्राओं को जबरदस्ती बाहर किया गया लेकिन वे बाहर डेट रहे तथा प्रोफेसर अप्पाराव के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान आइसा से जुडे़ छात्र-छात्रा भी पहुंच गए और प्रोफेसर अप्पाराव का विरोध शुरू कर दिया। ऐसे में आयोजन के बाद दोनों कुलपतियों तथा अन्य अफसरों को विद्यार्थियों से बचाकर वहां से निकाला गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में निष्कासित छात्र नेता आनंद सिंह निक्कू, सूर्य प्रकाश मिश्र, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।
राष्ट्रगान के दौरान हुआ विरोध
विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित इंस्पायर कार्यक्रम में छात्र-छात्राआें ने राष्ट्रगान के दौरान विरोध-प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर अनुपम दीक्षित का कहना है कि जब छात्र पहुंचे राष्ट्रगान शुरू था। इसके बावजूद वे नहीं रुके। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन में विरोध से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है। आंदोलनकारी छात्रों ने विभागाध्यक्ष के आरोप का खंडन किया है।
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ऋचा के विरोध में भी आए छात्र
छात्रों के एक वर्ग ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के विरोध की निंदा की है। सनत मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रों का कहना था कि किसी मेहमान कुलपति का विरोध विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। इसकी कठोर शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। बैठक में कमलेश शर्मा, ज्ञानवेंद्र सिंह, अविनाश सिंह आदि मौजूद रहे।
ऋचा ने लगाया बदसलूकी का आरोप
विश्वविद्यालय छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह ने वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रोफेसर अप्पाराव के विरोध के दौरान बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नलगंज थाने में शिकायत की है कि कुलपति की मौजूदगी में कुछ छात्रों ने उनके साथ खींचतान तथा धक्का-मुक्की की। उन्होंने महिला सूचक गाली देने का भी आरोप लगाया है।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित इंस्पायर कार्यक्रम सुबह नौ बजे शुरू होना था लेकिन छात्र इससे पहले ही वहां पहुंच गए और प्रोफेसर अप्पाराव का विरोध करने लगे। वे अप्पाराव वापस जाओ का नारा लगा रहे थे। कुलपति प्रोफेसर हांगलू के खिलाफ भी नारेबाजी की। विरोध कर रहे विद्यार्थियों के हाल में घुस जाने से तनाव बढ़ गया और कार्यक्रम में शामिल बच्चों को चोट लगने का अंदेशा बन गया। हालांकि इस गहमा-गहमी में बच्चे तो सुरक्षित रहे लेकिन कई शिक्षकों को चोट लग गई। छात्र-छात्राओं को जबरदस्ती बाहर किया गया लेकिन वे बाहर डेट रहे तथा प्रोफेसर अप्पाराव के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान आइसा से जुडे़ छात्र-छात्रा भी पहुंच गए और प्रोफेसर अप्पाराव का विरोध शुरू कर दिया। ऐसे में आयोजन के बाद दोनों कुलपतियों तथा अन्य अफसरों को विद्यार्थियों से बचाकर वहां से निकाला गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में निष्कासित छात्र नेता आनंद सिंह निक्कू, सूर्य प्रकाश मिश्र, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।
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राष्ट्रगान के दौरान हुआ विरोध
विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित इंस्पायर कार्यक्रम में छात्र-छात्राआें ने राष्ट्रगान के दौरान विरोध-प्रदर्शन किया। विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर अनुपम दीक्षित का कहना है कि जब छात्र पहुंचे राष्ट्रगान शुरू था। इसके बावजूद वे नहीं रुके। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन में विरोध से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है। आंदोलनकारी छात्रों ने विभागाध्यक्ष के आरोप का खंडन किया है।
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ऋचा के विरोध में भी आए छात्र
छात्रों के एक वर्ग ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के विरोध की निंदा की है। सनत मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रों का कहना था कि किसी मेहमान कुलपति का विरोध विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। इसकी कठोर शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। बैठक में कमलेश शर्मा, ज्ञानवेंद्र सिंह, अविनाश सिंह आदि मौजूद रहे।
ऋचा ने लगाया बदसलूकी का आरोप
विश्वविद्यालय छात्रसंघ की निवर्तमान अध्यक्ष ऋचा सिंह ने वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रोफेसर अप्पाराव के विरोध के दौरान बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नलगंज थाने में शिकायत की है कि कुलपति की मौजूदगी में कुछ छात्रों ने उनके साथ खींचतान तथा धक्का-मुक्की की। उन्होंने महिला सूचक गाली देने का भी आरोप लगाया है।