अवैध वेंडरों से हो गई लाखों की कमाई
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रेलवे स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की मनाही है, बावजूद इसके उत्तर मध्य रेलवे के तमाम स्टेशनों से अवैध वेंडरों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। जोन के इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, ग्वालियर, आगरा, अलीगढ़ आदि स्टेशन की बात करें तो यहां साल भर चले अभियान के दौरान रेलवे ने साढ़े पांच हजार से ज्यादा अवैध वेंडरों की धरपकड़ की है। इस दौरान इन वेंडरों से जुर्माने के रूप में लाखों रुपये एनसीआर प्रशासन ने वसूल लिए।
उत्तर मध्य रेलवे जोन में ए वन ग्रेड के इलाहाबाद, ग्वालियर, झांसी, आगरा कैंट, मथुरा जं. और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन है, जबकि ए ग्रेड के स्टेशनों में अलीगढ़, मिर्जापुर, इटावा, टूंडला, आगरा फोर्ट आदि स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर वैध वेंडरों के मुकाबले अवैध वेंडर कहीं ज्यादा हैं। संबंधित स्टेशन पर ट्रेनों के आगमन के दौरान ये वेंडर दिखाई पड़ते हैं और ट्रेन के स्टेशन छोड़ते ही सभी फुर्र हो जाते हैं। ऐसा नहीं है कि रेल प्रशासन खाने पीने के सामान बेचने वाले इन अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, लेकिन कार्रवाई होने के बाद भी स्टेशनों पर अवैध वेंडरों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
वर्ष 2015 के आंकड़ों पर गौर करें तो साल भर के दौरान एनसीआर जोन के स्टेशनों में हुई कार्रवाई के दौरान 5449 अवैध वेंडर पकड़े गए। इन वेंडरों से 46 लाख 16 हजार पांच रुपये का जुर्माना वसूला गया। जुर्माना वसूले जाने की यह सभी कार्रवाई रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा की गई। इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय का कहना है कि यात्रियों को चाहिये कि वे ट्रेन में एवं स्टेशन परिसर में रेलवे के लाइसेंसी वेंडरों से ही खाने पीने की वस्तुएं खरीदें।