Prayagraj : झोलाछाप के अवैध गर्भपात ने ली युवती की जान, 21 दिन तक लड़ी जिंदगी की जंग
फाफामऊ इलाके में प्रेमी की मनमानी का शिकार हुई एक गर्भवती युवती ने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए 21वें दिन शुक्रवार को दम तोड़ दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद युवती के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विस्तार
फाफामऊ इलाके में प्रेमी की मनमानी का शिकार हुई एक गर्भवती युवती ने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए 21वें दिन शुक्रवार को दम तोड़ दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद युवती के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में पुलिस आरोपी प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन गर्भपात कराने वाले दो झोलाछाप डॉक्टर और उनके क्लिनिक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
परिजनों के मुताबिक फाफामऊ की रहने वाली युवती को उसके प्रेमी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए थे। जब युवती गर्भवती हो गई तो आरोपी ने जिम्मेदारी लेने के बजाय उसे गर्भपात कराने के लिए एक निजी क्लिनिक में पहुंचा दिया। वहां झोलाछाप डॉक्टरों ने गलत तरीके से गर्भपात कर दिया, जिसके बाद युवती की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन 14 फरवरी को उसे एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने जांच में पाया कि गर्भपात की गलत प्रक्रिया के कारण उसके यूट्रस में गंभीर संक्रमण फैल चुका है। इसके बाद उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। करीब 21 दिन तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शुक्रवार रात युवती ने दम तोड़ दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
क्या है पूरा मामला
फाफामऊ की युवती को प्रेमी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए।
युवती चार माह की गर्भवती हो गई।
प्रेमी ने झोलाछाप डॉक्टर से अवैध गर्भपात कराया।
गलत इलाज से यूट्रस में गंभीर संक्रमण फैल गया।
14 फरवरी को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
21 दिन बाद शुक्रवार रात युवती की मौत हो गई।
प्रेमी पहले ही जा चुका है जेल
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, अवैध गर्भपात करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों और क्लिनिक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस की पकड़ से दूर हैं युवती का गर्भपात कराने वाले दोनों डाक्टर
फाफामऊ स्थित निजी क्लीनिक में दस फरवरी को पेट दर्द का इलाज कराने के लिए मां के साथ पहुंची मृतक युवती के साथ मौजूद रहे उसके प्रेमी ने झांसा देकर झोला छाप डाक्टरों के साथ मिलकर उसका गर्भपात करा दिया। लेकिन जब युवती की हालत गंभीर होने पर जब उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया तो युवती के प्रेमी और गर्भपात कराने वाले डाक्टरों की पोल खुल गई।
मामले में युवती के भाई की तहरीर पर फाफामऊ पुलिस ने आरोपी युवक रविराज पुत्र रंग बहादुर पटेल निवासी जगदीशपुर शुकाली नवाबगंज सहित गर्भपात करने वाले आरोपी डाक्टर सत्येंद्र पटेल और डाक्टर राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को 17 फरवरी को ही गिरफ्तार करते हुए उसे जेल भेज दिया। लेकिन अभी तक गर्भपात करने वाले आरोपी दोनों डाक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोपी दोनों डाक्टर पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हालांकि फाफामऊ पुलिस ने क्लीनिक को बंद करने का हवाला देकर आरोपी दोनों डाक्टरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का हवाला दिया है।