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निस्ताररण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि जरूरी

Tue, 19 Nov 2019 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 12:48 AM IST
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IGRS: Compliance of the complainant is not only important but also important
आईजीआरएस : सिर्फ खानापूर्ति नहीं शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी जरूरी
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मुख्यमंत्री के ओएसडी ने की मंडलीय समीक्षा, विभागवार दिए अफसरों को निर्देश
गंभीर बीमारी से पीड़ित मुख्यमंत्री कोष से सहायता के मामले में दिखाएं तत्परता
संवेदनशील प्रकरणों में शिकायतकर्ता का बयान अवश्य दर्ज किया जाय
प्रयागराज। मुख्यमंत्री के पोर्टल या अन्य किसी स्तर पर हुई शिकायतों के निस्तारण में अफसर महज खानापूर्ति नहीं कर सकेंगे। इसमें शिकायताकर्ता की संतुष्टि भी आवश्यक होगी। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी आरएन सिंह ने सोमवार को आईजीआरएस की मंडलीय समीक्षा की और अफसरों को यह निर्देश दिया।
आरएन सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकरण को निस्तारित करने के साथ उसकी आख्या का भी उल्लेख किया जाना चाहिए। साथ ही शिकायतकर्ता को इससे अवगत कराकर उसकी पुष्टि भी करनी होगी। ओएसडी ने संवेदनशील प्रकरणों में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि यह अनिवार्य पहलू है। उन्होंने विभिन्न प्रकरणों की रिपोर्ट भी देखी।
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ओएसडी ने गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों का मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से इलाज के मामले में तत्परता दिखाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने की भी जररूत बताई। ताकि, अधिक से अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें। बैठक में डीआईजी केपी सिंह, डीए भानुचंद्र गोस्वामी, अपर आयुक्त प्रशासन अवधेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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अस्पतालों में होगा मच्छरदानी युक्त 10 बेड का वार्ड
प्रयागराज। अस्पतालों में मच्छरदानी युक्त 10 बेर्ड का वार्ड होगा। संचारी रोगों से बचाव के लिए शुरू अभियान की समीक्षा बैठक में सीडीओ प्रेम रंजन सिंह ने हर अस्पताल में इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मच्छर से बचाव के लिए उन्होंने खिड़की, दरवाजों में जाली आदि की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।

सोमवार को हुई बैठक में सीडीओ ने दवाइयों की उपलब्धता, जागरूकता अभियान की बिंदुवार समीक्षा की। रैपिड रिस्पांस टीम के कार्यों का मूल्यांकन एवं अनुश्रवण करते हुए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण का निर्देश दिया। डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिया कि स्कूल-कालेजों में भी मच्छर से बचाव के सभी इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा हर स्कूल में एक अध्यापक को नोडल अधिकारी नामित किया जाए जो प्रार्थना-असेंबली में रोजाना बच्चों को डेंगू एवं संक्रमण की अन्य बीमारियों के प्रति जानकारी दें। नोडल अधिकारी बच्चों को बताएं कि बीमारियों से बचाव एवं नियंत्रण के लिए क्या करें और क्या न करें। उन्होंने अन्य माध्यमों से भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। सीडीओ शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई, दवाओं के छिड़काव आदि सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में सीएमओ जीएस बाजपेई आदि मौजूद रहे।
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