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मासूमों की हिफाजत के लिए आईजी ने चेताया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:09 AM IST
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स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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स्कूली बच्चों के अपहरण और बच्चियों से रेप में गार्ड, कर्मचारी, स्कूल बस-वैन के ड्राइवर, कंडक्टर के शामिल होने की पुरानी घटनाओं के मद्देनजर आईजी जोन ने इस बारे में पुलिस अफसरों को चेताया है। आईजी ने इलाहाबाद जोन के सभी आठ जिलों के एसपी को पत्र लिखकर हिदायत दी कि स्कूल खुल चुके हैं, इसलिए जल्द से जल्द सभी कर्मचारियों और ड्राइवर-कंडक्टर के बारे में क्षेत्रीय पुलिस से छानबीन करा लें।
दूसरों शहरों के साथ ही इलाहाबाद में भी स्कूली बच्चों की फिरौती या रंजिशन अपहरण के अलावा स्कूल परिसर या रास्ते में बलात्कार की घटनाएं होती रही हैं। ऐसी घटनाएं लोगों को झकझोरती हैं तो अभिभावकों के दिल में अपने मासूमों के लिए चिंता बनी रहती है। पेशावर में स्कूल में आतंकी हमले जैसी हैवानियत भरी वारदातों से भी परिजनों और पुलिस अफसरों में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिक्र बनी रहती है।
इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए आईजी आरके चतुर्वेदी ने जोन के सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखकर चेताया है कि स्कूली बच्चों के साथ अपराध की घटनाओं में स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड, चपरासी, बस या वैन के ड्राइवर और उसके साथी कंडक्टर की भूमिका सामने आती रही है। इन कर्मचारियों के नाम-पते की सही जानकारी नहीं होने से पुलिस को गिरफ्तारी में तमाम मुश्किल झेलनी पड़ी। आईजी जोन ने निर्देश दिया है कि सभी एसपी अपने जिले में अभियान चलाकर प्ले ग्रुप और नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों में तैनात कर्मचारियों, गार्ड, दाई, चपरासी, ड्राइवर, कंडक्टर के बारे में उनके निवास, चरित्र और पारिवारिक स्थिति आदि के बारे में सत्यापन करा लें ताकि स्कूली बच्चों पर किसी तरह के खतरे को टाला जा सके।
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दूसरों शहरों के साथ ही इलाहाबाद में भी स्कूली बच्चों की फिरौती या रंजिशन अपहरण के अलावा स्कूल परिसर या रास्ते में बलात्कार की घटनाएं होती रही हैं। ऐसी घटनाएं लोगों को झकझोरती हैं तो अभिभावकों के दिल में अपने मासूमों के लिए चिंता बनी रहती है। पेशावर में स्कूल में आतंकी हमले जैसी हैवानियत भरी वारदातों से भी परिजनों और पुलिस अफसरों में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिक्र बनी रहती है।
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इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए आईजी आरके चतुर्वेदी ने जोन के सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखकर चेताया है कि स्कूली बच्चों के साथ अपराध की घटनाओं में स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड, चपरासी, बस या वैन के ड्राइवर और उसके साथी कंडक्टर की भूमिका सामने आती रही है। इन कर्मचारियों के नाम-पते की सही जानकारी नहीं होने से पुलिस को गिरफ्तारी में तमाम मुश्किल झेलनी पड़ी। आईजी जोन ने निर्देश दिया है कि सभी एसपी अपने जिले में अभियान चलाकर प्ले ग्रुप और नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों में तैनात कर्मचारियों, गार्ड, दाई, चपरासी, ड्राइवर, कंडक्टर के बारे में उनके निवास, चरित्र और पारिवारिक स्थिति आदि के बारे में सत्यापन करा लें ताकि स्कूली बच्चों पर किसी तरह के खतरे को टाला जा सके।
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