{"_id":"5de4238a8ebc3e54a134063d","slug":"if-there-is-pain-in-the-stomach-back-legs-then-check-allahabad-news-ald2617559177","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाधमनी बढ़ने के नहीं दिखते लक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाधमनी बढ़ने के नहीं दिखते लक्षण
विज्ञापन
पेट, पीठ या पैर में दर्द है तो यह महाधमनी बढ़ने का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में रक्त स्राव हो सकता है। यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए ऐसे लक्षण हों तो जांच जरूर कराएं।
यह जानकारी इंटरवेशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पुशान शर्मा ने दी। वह रविवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अन्यूरिज्म महाधमनी की दीवार में उभार होता है, धमनियां रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो हृदय से शरीर के अन्य भागों में आक्सीजन युक्त रक्त ले जाती हैं। महाधमनी का बढ़ जाने के लक्षणों में पेट, पीठ, पैर दर्द होना संभव है, कभी-कभी कोई भी शारीरिक लक्षण नहीं दिखता है।
डॉ. पुशान ने बताया कि यदि अन्यूरिज्म बड़ा हो जाता है तो यह फट भी सकता है। इसकी वजह खतरनाक रक्त स्राव या मौत भी हो सकती है। ज्यादातर अन्यूरिज्म एओरटा (मुख्य धमनी) में होते हैं, जो छाती और पेट से होकर हृदय तक जाती हैं। अन्यूरिज्म का पारिवारिक इतिहास होने पर या धूम्रपान करने वाले, 65-75 वर्ष के बीच के लोग के लिए इसके परीक्षण की सलाह दी जाती है। उन्होंने रक्त स्राव रोकने में थेराप्यूटिक इंबोलाइजेशन के उपयोग के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
डॉ. उमर हसन ने अन्यूरिज्म का पता लगाने के लिए चिकित्सकों को इमेजिंग परीक्षणों, दवाओं और सर्जरी के तरीकों से अवगत कराया। अध्यक्षता करते हुए एएमए उपाध्यक्ष डॉ. सुजीत सिंह ने करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। संचालन सचिव डॉ. राजेश मौर्य और वैज्ञानिक सचिव आशुतोष गुप्ता ने किया।
संगोष्ठी में डॉ. आरकेएस चौहान, डॉ. जीएस सिन्हा, डॉ. जीएल गुप्ता, डॉ. स्वतंत्र सिंह, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. शरद साहू, डॉ. नागेश्वर मिश्र,डॉ. एके चौबे, डॉ. अनूप चौहान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
यह जानकारी इंटरवेशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पुशान शर्मा ने दी। वह रविवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अन्यूरिज्म महाधमनी की दीवार में उभार होता है, धमनियां रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो हृदय से शरीर के अन्य भागों में आक्सीजन युक्त रक्त ले जाती हैं। महाधमनी का बढ़ जाने के लक्षणों में पेट, पीठ, पैर दर्द होना संभव है, कभी-कभी कोई भी शारीरिक लक्षण नहीं दिखता है।
विज्ञापन
डॉ. पुशान ने बताया कि यदि अन्यूरिज्म बड़ा हो जाता है तो यह फट भी सकता है। इसकी वजह खतरनाक रक्त स्राव या मौत भी हो सकती है। ज्यादातर अन्यूरिज्म एओरटा (मुख्य धमनी) में होते हैं, जो छाती और पेट से होकर हृदय तक जाती हैं। अन्यूरिज्म का पारिवारिक इतिहास होने पर या धूम्रपान करने वाले, 65-75 वर्ष के बीच के लोग के लिए इसके परीक्षण की सलाह दी जाती है। उन्होंने रक्त स्राव रोकने में थेराप्यूटिक इंबोलाइजेशन के उपयोग के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
डॉ. उमर हसन ने अन्यूरिज्म का पता लगाने के लिए चिकित्सकों को इमेजिंग परीक्षणों, दवाओं और सर्जरी के तरीकों से अवगत कराया। अध्यक्षता करते हुए एएमए उपाध्यक्ष डॉ. सुजीत सिंह ने करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। संचालन सचिव डॉ. राजेश मौर्य और वैज्ञानिक सचिव आशुतोष गुप्ता ने किया।
संगोष्ठी में डॉ. आरकेएस चौहान, डॉ. जीएस सिन्हा, डॉ. जीएल गुप्ता, डॉ. स्वतंत्र सिंह, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. शरद साहू, डॉ. नागेश्वर मिश्र,डॉ. एके चौबे, डॉ. अनूप चौहान आदि मौजूद थे।