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High Court: विवाह वैध नहीं तो दहेज उत्पीड़न व द्विविवाह का मुकदमा नहीं, युवक पर दर्ज केस को कोर्ट ने किया रद्द
Fri, 06 Sep 2024 01:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 06 Sep 2024 01:30 PM IST
सार
यह आदेश सौरभ श्याम शमेशरी की अदालत ने ओम प्रकाश मिश्रा व अन्य की अर्जी पर अधिवक्ता विभू राय की दलीलों को सुनकर दिया। कानपुर नगर के किदवई थाना क्षेत्र के अंचल मिश्रा, उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न व द्विविवाह के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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अदालत का आदेश
- फोटो : istock
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहली शादी छिपाकर दूसरी करने के मामले में दहेज उत्पीड़न और द्विविवाह के आरोप में दर्ज मुकदमे की कार्रवाई को रद्द कर दिया। कहा कि दूसरी शादी करने वाली युवती का आरोपी के साथ पति-पत्नी का रिश्ता नहीं है। ऐसे में दहेज उत्पीड़न और द्विविवाह के आरोप में मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
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यह आदेश सौरभ श्याम शमेशरी की अदालत ने ओम प्रकाश मिश्रा व अन्य की अर्जी पर अधिवक्ता विभू राय की दलीलों को सुनकर दिया। कानपुर नगर के किदवई थाना क्षेत्र के अंचल मिश्रा, उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न व द्विविवाह के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। युवती ने आरोप लगाया था कि आवेदक ने अपनी पहली शादी को छिपाकर उससे दूसरी की है।
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चार्जशीट 19 जून 2019 को फाइल की गई, जिसे आवेदक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने आरोप पत्र रद्द कर दिया। कहा कि शिकायतकर्ता सीआरपीसी की धारा 198 के संदर्भ में आईपीसी की धारा 495 के तहत शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है।
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