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मकानों से शतप्रतिशत हो जलकर की वसूली
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sun, 17 May 2015 01:13 AM IST
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इलाहाबाद। जलकल विभाग का वित्तीय वर्ष 2015-16 का बजट शनिवार को नगर निगम सदन में आंशिक संशोधन के साथ स्वीकृत हो गया। बजट में प्रारंभिक अवशेष सहित 70 करोड़ 48 लाख 71 हजार रुपये आय एवं 70 करोड़ 14 लाख 55 हजार रुपये अनुमानित व्यय का प्रावधान किया गया।
कोरम के अभाव में सदन की बैठक आधे घंटे देरी से शुरु हुई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने जलकल विभाग को बजट पेश करने के लिए कहा। लेखाधिकारी एचएन शुक्ला ने बजट पेश किया। इस दौरान पार्षदों ने 1.83 लाख से अधिक मकानों के मुकाबले जलकर की वसूली 1.57 लाख भवनों से होने पर आपत्ति जताई। गृहकर मूल्यांकन से छूटे भवनों तथा राजकीय आस्थान पर अवैध रूप से बने तकरीबन 10 हजार भवनों से भी जल मूल्य वसूलने को कहा गया। पुराने भवनों का मूल्यांकन कम होने के बाजवूद जलकर कम न होने पर पार्षदों ने आपत्ति की।
महापौर ने शहरियों को टैक्स का लाभ देने और जिन लोगों ने टैक्स जमा कर दिया है, उनका अगले बिल में समायोजन का आदेश दिया। इस दौरान पानी के अवैध कनेक्शन का भी मामला उठा। पार्षदों ने ऐसे कनेक्शनों को नियमित करने में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कहा गया कि ऐसे लोगों को नोटिस देकर पूछा जाए कि कनेक्शन नहीं है तो पानी कहां से ले रहे। बैठक में पार्षद शिव सेवक सिंह, राजू शुक्ला, सोनिका अग्रवाल, गिरधारी सिंह, अतहर रजा लाडले, सत्येंद्र चोपड़ा, राजू कुमार, कुसुमलता गुप्ता, शैलेंद्र सोनकर, गिरीशंकर प्रभाकर, किरन जायसवाल, सुशील यादव, अकीलुर्रहमान, गोमती देवी, दिनेश गुप्ता, गणेश केसरवानी, अहमद अली आदि सवाल किए।
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मद आय संशोधन
जलकर 19.69 करोड़
जलमूल्य 35.50 करोड़ 36.50 करोड़
सीवर कर 1.94 करोड़
सीवर चार्ज 6.16 करोड़
सर्विस चार्ज 2.08 करोड़
सर्विस चार्ज (केंद्रियत)
अन्य कर 60 लाख 90 लाख
00
शहर के तकरीबन हर इलाके में पेयजल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति पर पार्षदों ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी, अधिशाषी अभियंता सहित अन्य अभियंताओं को घेरा। ‘अमर उजाला’ शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल समस्या को लगातार उजाकर कर रहा है।
शनिवार को सदन में पार्षदों ने पेयजल संकट पर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित हो रही खबरों का हवाला देते हुए कहा कि जेएनएनयूआरएम में पेयजल योजना का काम तकरीबन खत्म हो गया लेकिन शुद्ध जलापूर्ति आज तक नहीं हो रही है। ओवरहेड टैंक से भी आपूर्ति नहीं हो रही। लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिसकी वजह से हजारंों घरों में गंदा पानी आ रहा है। जल निगम ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को खोजने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की लीक डिटेक्टर मशीन खरीदी और उसे जलकल विभाग को दे दिया लेकिन मशीन आज तक बाहर नहीं निकली।
इसके पहले सीवर की सफाई के लिए सवा करोड़ की मशीन खरीदी गई लेकिन वह भी बेकार साबित हुई। रानीमंडी बशीर पार्क स्थित भूमिगत जलाशय से अब तक पाइप लाइन न जोड़ने पर भी पार्षदों ने अफसरों को घेरा। इसे लेकर पार्षदों की जोन दो के एक्सईएन रामदरस यादव से तीखी बहस भी हुई। उन्होंने बताया कि भूमिगत जलाशय अभी जलनिगम ने ट्रांसर्फर नहीं किया है। काफी पाइप लाइन भी नहीं पड़ी है।
जल निगम ने 12.50 लाख रुपये दिए हैं। काम हो रहा है। पार्षदों ने धनराशि की बर्बादी का आरोप लगाया। महापौर ने कहा कि 15 दिन में पेयजल और सीवर जाम की समस्या दूर न हुई तो जीएम सहित अफसरों के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। सदन में एक्सईएन के रवैये पर निंदा प्रस्ताव आया। महापौर ने भी उनक रवैये पर आपत्ति जताई। उधर, जलकल कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप गौड़ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीचंद्र पासी ने एक्सईएन को हटाने की मांग की।
सदन में हुए निर्णय
0 गृहकर और जलकर के बिल उपभोक्ताओं को एक साथ भेजे जाएंगे
0 पार्षद सौ मीटर के अंदर सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव एक सप्ताह में दें
0 जल निगम, जलकल एवं गंगा प्रदूषण के अफसरों के साथ बैठक एक सप्ताह में
नगर निगम सदन में रकम की बर्बादी के मुद्दे पर भाजपा और सपा समर्थित पार्षद आमने-सामने आ गए। इसे लेकर पार्षदों में तीखी झड़प हुई। पानी बोतलें एक-दूसरे पर फेंकी गई। एक पार्षद ने पानी की बोतल खोलकर उछाल दी।
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कोरम के अभाव में सदन की बैठक आधे घंटे देरी से शुरु हुई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने जलकल विभाग को बजट पेश करने के लिए कहा। लेखाधिकारी एचएन शुक्ला ने बजट पेश किया। इस दौरान पार्षदों ने 1.83 लाख से अधिक मकानों के मुकाबले जलकर की वसूली 1.57 लाख भवनों से होने पर आपत्ति जताई। गृहकर मूल्यांकन से छूटे भवनों तथा राजकीय आस्थान पर अवैध रूप से बने तकरीबन 10 हजार भवनों से भी जल मूल्य वसूलने को कहा गया। पुराने भवनों का मूल्यांकन कम होने के बाजवूद जलकर कम न होने पर पार्षदों ने आपत्ति की।
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महापौर ने शहरियों को टैक्स का लाभ देने और जिन लोगों ने टैक्स जमा कर दिया है, उनका अगले बिल में समायोजन का आदेश दिया। इस दौरान पानी के अवैध कनेक्शन का भी मामला उठा। पार्षदों ने ऐसे कनेक्शनों को नियमित करने में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कहा गया कि ऐसे लोगों को नोटिस देकर पूछा जाए कि कनेक्शन नहीं है तो पानी कहां से ले रहे। बैठक में पार्षद शिव सेवक सिंह, राजू शुक्ला, सोनिका अग्रवाल, गिरधारी सिंह, अतहर रजा लाडले, सत्येंद्र चोपड़ा, राजू कुमार, कुसुमलता गुप्ता, शैलेंद्र सोनकर, गिरीशंकर प्रभाकर, किरन जायसवाल, सुशील यादव, अकीलुर्रहमान, गोमती देवी, दिनेश गुप्ता, गणेश केसरवानी, अहमद अली आदि सवाल किए।
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मद आय संशोधन
जलकर 19.69 करोड़
जलमूल्य 35.50 करोड़ 36.50 करोड़
सीवर कर 1.94 करोड़
सीवर चार्ज 6.16 करोड़
सर्विस चार्ज 2.08 करोड़
सर्विस चार्ज (केंद्रियत)
अन्य कर 60 लाख 90 लाख
00
शहर के तकरीबन हर इलाके में पेयजल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति पर पार्षदों ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी, अधिशाषी अभियंता सहित अन्य अभियंताओं को घेरा। ‘अमर उजाला’ शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल समस्या को लगातार उजाकर कर रहा है।
शनिवार को सदन में पार्षदों ने पेयजल संकट पर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित हो रही खबरों का हवाला देते हुए कहा कि जेएनएनयूआरएम में पेयजल योजना का काम तकरीबन खत्म हो गया लेकिन शुद्ध जलापूर्ति आज तक नहीं हो रही है। ओवरहेड टैंक से भी आपूर्ति नहीं हो रही। लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिसकी वजह से हजारंों घरों में गंदा पानी आ रहा है। जल निगम ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को खोजने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की लीक डिटेक्टर मशीन खरीदी और उसे जलकल विभाग को दे दिया लेकिन मशीन आज तक बाहर नहीं निकली।
इसके पहले सीवर की सफाई के लिए सवा करोड़ की मशीन खरीदी गई लेकिन वह भी बेकार साबित हुई। रानीमंडी बशीर पार्क स्थित भूमिगत जलाशय से अब तक पाइप लाइन न जोड़ने पर भी पार्षदों ने अफसरों को घेरा। इसे लेकर पार्षदों की जोन दो के एक्सईएन रामदरस यादव से तीखी बहस भी हुई। उन्होंने बताया कि भूमिगत जलाशय अभी जलनिगम ने ट्रांसर्फर नहीं किया है। काफी पाइप लाइन भी नहीं पड़ी है।
जल निगम ने 12.50 लाख रुपये दिए हैं। काम हो रहा है। पार्षदों ने धनराशि की बर्बादी का आरोप लगाया। महापौर ने कहा कि 15 दिन में पेयजल और सीवर जाम की समस्या दूर न हुई तो जीएम सहित अफसरों के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। सदन में एक्सईएन के रवैये पर निंदा प्रस्ताव आया। महापौर ने भी उनक रवैये पर आपत्ति जताई। उधर, जलकल कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप गौड़ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीचंद्र पासी ने एक्सईएन को हटाने की मांग की।
सदन में हुए निर्णय
0 गृहकर और जलकर के बिल उपभोक्ताओं को एक साथ भेजे जाएंगे
0 पार्षद सौ मीटर के अंदर सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव एक सप्ताह में दें
0 जल निगम, जलकल एवं गंगा प्रदूषण के अफसरों के साथ बैठक एक सप्ताह में
नगर निगम सदन में रकम की बर्बादी के मुद्दे पर भाजपा और सपा समर्थित पार्षद आमने-सामने आ गए। इसे लेकर पार्षदों में तीखी झड़प हुई। पानी बोतलें एक-दूसरे पर फेंकी गई। एक पार्षद ने पानी की बोतल खोलकर उछाल दी।