डिप्टी सीएम के भाई कहते तो वापस ले लेता पर्चा, बोले- भाजपा नेता दिलीप पटेल
सिराथू ब्लॉक से प्रमुख पद के लिए अपनी पत्नी को निर्दल चुनाव लड़ा रहे भाजपा नेता दिलीप सिंह पटेल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिराथू ब्लॉक से प्रमुख पद के लिए अपनी पत्नी को निर्दल चुनाव लड़ा रहे भाजपा नेता दिलीप सिंह पटेल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि डिप्टी सीएम के भाई सुखलाल व लाला मौर्या ने पहले उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा। वह चुनाव की तैयारी कर रहे थे, कि इसी बीच भाजपा ने सीतू मौर्या को अधिकृत उम्मीदवार बना दिया। चुनाव में भाजपा के पास समर्थन नहीं है। इस वजह से पुलिस के इशारे पर सदस्यों को अगवा कराया जा रहा है।
सिराथू कस्बा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। तमाम कवायद के बाद भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाब हुई। इसके लिए पुलिस और प्रशासन का भरपूर सहयोग लिया गया। कई सदस्यों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की तर्ज पर भाजपा अब ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी यही फार्मूला अपना रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण सिराथू विकास खंड इलाके में देखने को मिला। पुलिस का कहना है कि किसी ने कंट्रोल रूम में फोन करके सदस्यों को अगवा कर घटमापुर स्थित ईंट भट्ठे में रखने का दावा किया। लेकिन पुलिस के पास इस बात का जवाब नहीं है कि फोन किसने किया?
वहीं, जिस निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह पत्नी दिलीप पटेल के घर पर पुलिस ने तांडव किया उसने डिप्टी सीएम के भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिलीप पटेल का कहना है कि वह 2016 में सिराथू के ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। बसपा ने उन्हें सिराथू विधानसभा से टिकट भी दिया था। अब वह भाजपा में हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाई सुखलाल मौर्या व लाला ने उन्हें चुनाव लड़ाने का आश्वासन दिया था। बाद में पार्टी की तरफ से सीतू मौर्या को प्रत्याशी बनाया गया। दिलीप के मुताबिक अगर डिप्टी सीएम के भाई कहते तो वह अपना नामांकन वापस ले लेते। लेकिन अब उन्हीं के इशारे पर पुलिस उनके समर्थक सदस्यों के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई कर रही है।
पुलिसिया कार्रवाई पर भड़के विधायक
बीडीसी सदस्यों के साथ मारपीट व उन्हें कोतवाली में बैठाए जाने के मामले में निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह के पति दिलीप पटेल अपने समर्थकों के साथ बृहस्पतिवार देर रात सैनी कोतवाली में धरने पर बैठ गए। इस दौरान वहां पहुंचे सिराथू से भाजपा विधायक शीतला प्रसाद पटेल ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। कहा कि लोकतंत्र की हत्या किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने कहा है कि यह तरीका ठीक नहीं है। ऐसे हथकंडे अपनाने से बाज आएं वर्ना अंजाम ठीक नहीं होगा।
दिलीप सिंह पटेल के ईंट भट्ठा स्थित आवास में 20 बीडीसी सदस्यों के साथ ही करीब 30 लोग थे। बृहस्पतिवार रात 12 बजे पुलिस ने सभी को बेरहमी से पीटा और सैनी कोतवाली उठा ले गई। चर्चा रही कि 18 लोगों को उनके घरवालों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। जबकि दो सदस्यों को वहां रहे भाजपा प्रत्याशी के पति लवकुश मौर्या और उनके साथी जबरन अपनी गाड़ी में भर ले गए। बाकी के अन्य सदस्यों की पहचान नहीं होने के कारण उन्हें अगवा नहीं किया जा सका। हालांकि सीओ सिराथू योगेंद्र कृष्ण नारायण सिंह का कहना है कि किसी सदस्य को अगवा नहीं किया गया है। जो भी सदस्य मौके पर मिले थे, उन्हें उनके घरवाले या रिश्तेदारों की सुपुर्दगी में दिया गया है।
यह सदस्य हैं गायब, पुलिस को जानकारी नहीं
सिराथू ब्लॉक प्रमुख पद के लिए निर्दल प्रत्याशी के तौर पर उतरी सुधा सिंह की तरफ से सुशील कुमार सिंह ने सैनी कोतवाली में बीडीसी सदस्य शिव कुमार व महेंद्र मौर्या के गुमशुदगी का प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र में थाने की मुहर भी लगाई है। हालांकि सैनी कोतवाली के इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह का कहना है कि कोई मिसिंग नहीं दर्ज है। 18 सदस्य दिलीप के साथ गए हैं, जो सदस्य उनके साथ नहीं जाना चाहते थे, वह लवकुश मौर्या (भाजपा प्रत्याशी के पति) के साथ गए हैं।