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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   If postponed in December, RO-ARO exam will be held only after Kumbh, 22nd December is proposed in the calendar

UPPSC : दिसंबर में टली तो कुंभ के बाद ही होगी आरओ-एआरओ परीक्षा, कैलेंडर में 22 दिसंबर है प्रस्तावित

Tue, 29 Oct 2024 02:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Oct 2024 02:05 PM IST
सार

परीक्षा समय पर होगी या नहीं, इस पर असमंजस है। अगर परीक्षा टलती है तो महाकुंभ के बाद ही होने की उम्मीद है। इस बीच आयोग पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 के आयोजन पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।

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If postponed in December, RO-ARO exam will be held only after Kumbh, 22nd December is proposed in the calendar
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के कैलेंडर में 22 दिसंबर को प्रस्तावित है। परीक्षा समय पर होगी या नहीं, इस पर असमंजस है। अगर परीक्षा टलती है तो महाकुंभ के बाद ही होने की उम्मीद है। इस बीच आयोग पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 के आयोजन पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। आयोग को जल्द ही यह तय करना है कि परीक्षा कब होगी और इसका प्रारूप क्या होगा। यह परीक्षा भी दिसंबर की शुरुआत में प्रस्तावित है। केंद्र निर्धारण से लेकर प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन पर निर्णय लेने के लिए आयोग के पास डेढ़ माह से भी कम समय बचा है।

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अगर आयोग पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा दिसंबर में कराता है तो दो हफ्ते बाद ही कैलेंडर में प्रस्तावित आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा कराने की भी उसके सामने चुनौती होगी। ऐसे में आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा टलने के आसार हैं। आयोग के सूत्रों का कहना है कि पीसीएस परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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परीक्षा अगर दो दिनों में कराई जाती है तो आयोग को अलग-अलग पेपर तैयार कराने होंगे। साथ ही परीक्षा के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अगर शासन के मानक के अनुसार पर्याप्त संख्या में केंद्रों की व्यवस्था हो जाती है तो परीक्षा पहले की भांति एक दिन में कराई जा सकेगी। वहीं, अभ्यर्थी एक दिन की परीक्षा के लिए अड़े हुए हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि दो दिन की परीक्षा में एक समान मूल्यांकन के लिए मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) होगा, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। पिछले दिनों आयोग में छह घंटे तक धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने वाले अभ्यर्थियों ने तो यह भी कहा कि आयोग चाहे तो कुछ वक्त और ले सकता है। परीक्षा को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए और पर्याप्त संख्या में केंद्रों की व्यवस्था होने के बाद एक दिन में ही परीक्षा कराई जाए। अभ्यर्थियों को अब आयोग के निर्णय का इंतजार है।

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सरकारी कर्मचारी भी लड़ सकेंगे केपी ट्रस्ट का चुनाव

सरकारी कर्मचारी भी अब कायस्थ पाठशाला (केपी ट्रस्ट) के अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य पद का चुनाव लड़ सकेंगे। केपी ट्रस्ट की गवर्निंग बॉडी ने इस निर्णय पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता फिर साफ हो गया है।

पूर्व में भी सरकारी कर्मचारी केपी ट्रस्ट का चुनाव लड़ सकते थे लेकिन बाद में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने पुरानी व्यवस्था को बहाल करते हुए सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए भी चुनाव लड़ने का रास्ता खोल दिया है। हालांकि, नई व्यवस्था में यदि कोई सरकारी कर्मचारी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ता है तो चुनाव जीतने के बाद सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना होगा। वह अपने पास कोई एक पद ही रख सकेगा।

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कुंभ तक तैयार हो जाएगी धर्मशाला

दूसरे जिलों, राज्यों या विदेशों से आने वाले कायस्थ पाठशाला के सदस्यों को अब यहां ठहरने की जगह ढूंढ़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बहुत ही मामूली शुल्क में उन्हें धर्मशाला में ठहरने की सुुविधा मिलेगी। केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने बताया कि केपी कम्युनिटी सेंटर के बगल में इस धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार को धर्मशाला के ग्राउंड फ्लोर की छत भी पड़ गई। कुंभ तक दो तल बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद बाकी के तल बनवाए जाएंगे। इसमें 32 कमरे और तीन बड़े हॉल होंगे।

केपी ट्रस्ट का होगा अपना अंग्रेजी माध्यम स्कूल

केपी ट्रस्ट का अब अपना अंग्रेजी माध्यम स्कूल होगा। इस स्कूल का संचालन हरिवंश राय बच्चन के नाम पर किया जाएगा। इसके लिए केपी नर्सरी और केपी कॉन्वेंट को शिफ्ट किया जा रहा है। जल्द ही इस स्कूल के लिए भूमि पूजन किया जाएगा और इसके बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।

मुंशी प्रेमचंद एकेडमी का होगा निर्माण

केपी ट्रस्ट की ओर से मुंशी प्रेमचंद एकेडमी का निर्माण भी कराया जाएगा। केपी ट्रेनिंग कॉलेज के सामने ट्रस्ट की एक संपत्ति को नगर निगम ने सील कर दिया था। केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा के अनुसार इस संपत्ति को छुड़वा लिया गया है और अब इस पर मुंशी प्रेमचंद एकेडमी का निर्माण कराया जाएगा। इस एकेडमी में साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

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