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Prayagraj News: जख्म खाए हैं मगर लब पे शिकायत न रही...
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बज्म-ए-अहबाब संस्था के संस्थापक शाकिर हुसैन तशना कानपुरी की स्मृति में करेली स्थित अदब घर में रविवार को कवि सम्मेलन व मुशायरा हुआ।
मुख्य अतिथि सिविल डिफेंस के डिविजनल ऑफिसर रौनक गुप्ता रहे। बज्म-ए-अहबाब के संस्थापक सदस्य शाकिर हुसैन तशना के पुत्र व संस्था के वर्तमान अध्यक्ष अमजद हुसैन रावी ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने अपने कलाम जख्म खाए हैं मगर लब पे शिकायत न रही से महफिल लूट ली। इस दौरान पांच लोगों को ‘तशना कानपुरी सम्मान’ से नवाजा गया। मुशायरे में शायर असलम इलाहाबादी, फरमूद इलाहाबादी, वाकिफ अंसारी, डॉ. कमर आब्दी, डॉ. मोहम्मद शाहिद खान, सुनील दानिश, डॉ. राहुल शुक्ला, राम लखन चौरसिया समेत अन्य लोगों ने कलाम और कविताएं पेश कीं। इस मौके पर आसिफ उस्मानी, शहाब हनफी, मोईन हबीबी, असद कुरैशी, सैय्यद मोहम्मद अस्करी, असद हुसैनी ताबी, महमूद खान मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि सिविल डिफेंस के डिविजनल ऑफिसर रौनक गुप्ता रहे। बज्म-ए-अहबाब के संस्थापक सदस्य शाकिर हुसैन तशना के पुत्र व संस्था के वर्तमान अध्यक्ष अमजद हुसैन रावी ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने अपने कलाम जख्म खाए हैं मगर लब पे शिकायत न रही से महफिल लूट ली। इस दौरान पांच लोगों को ‘तशना कानपुरी सम्मान’ से नवाजा गया। मुशायरे में शायर असलम इलाहाबादी, फरमूद इलाहाबादी, वाकिफ अंसारी, डॉ. कमर आब्दी, डॉ. मोहम्मद शाहिद खान, सुनील दानिश, डॉ. राहुल शुक्ला, राम लखन चौरसिया समेत अन्य लोगों ने कलाम और कविताएं पेश कीं। इस मौके पर आसिफ उस्मानी, शहाब हनफी, मोईन हबीबी, असद कुरैशी, सैय्यद मोहम्मद अस्करी, असद हुसैनी ताबी, महमूद खान मौजूद रहे।
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