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Prayagraj News: बीस साल से पंचायत भवन में चल रहा अस्पताल
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सिंगाही गांव में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। अस्पताल में न तो डॉक्टर हैं, न पीने का पानी और न ही बिजली का कनेक्शन उपलब्ध है। इससे गर्मी के दिनों में कर्मचारी और मरीज बाहर बैठने को मजबूर हैं।
यह अस्पताल लगभग बीस साल से पंचायत भवन में चल रहा है। मरीजों को प्यास बुझाने के लिए पांच सौ मीटर दूर गांव जाना पड़ता है। बिजली न होने से कर्मचारी और मरीज बाहर बैठने को बाध्य हैं। शौचालय बना है, पर पानी की व्यवस्था न होने से उसका उपयोग नहीं हो पाता। अस्पताल में केवल फार्मासिस्ट देवेंद्र पाल और एक चपरासी मेहंदी हसन नियुक्त हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक पेट और गठिया के रोगी होते हैं। उन्होंने बिजली, पानी और चिकित्सक के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
क्षेत्रीय यूनानी आयुर्वेद अधिकारी सुमन कुशवाहा ने कहा कि पद विहीन अस्पताल के लिए चिकित्सकों की मांग की गई है। अस्पताल के लिए नए भवन निर्माण का प्रयास भी जारी है। जल्द ही अन्य समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
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यह अस्पताल लगभग बीस साल से पंचायत भवन में चल रहा है। मरीजों को प्यास बुझाने के लिए पांच सौ मीटर दूर गांव जाना पड़ता है। बिजली न होने से कर्मचारी और मरीज बाहर बैठने को बाध्य हैं। शौचालय बना है, पर पानी की व्यवस्था न होने से उसका उपयोग नहीं हो पाता। अस्पताल में केवल फार्मासिस्ट देवेंद्र पाल और एक चपरासी मेहंदी हसन नियुक्त हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक पेट और गठिया के रोगी होते हैं। उन्होंने बिजली, पानी और चिकित्सक के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
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क्षेत्रीय यूनानी आयुर्वेद अधिकारी सुमन कुशवाहा ने कहा कि पद विहीन अस्पताल के लिए चिकित्सकों की मांग की गई है। अस्पताल के लिए नए भवन निर्माण का प्रयास भी जारी है। जल्द ही अन्य समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
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