प्रयागराज : रेस्टोरेंट में हुक्काबार, कश उड़ाते युवाओं का वीडियो वायरल, शहर के धूमनगंज का है बार
रेस्टोरेंट की आड़ में शहर में हुक्काबार खुलेआम चल रहे हैं। किशोरवय के लड़के इन हुक्काबार में अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, साथ ही यहां अराजक तत्वों का भी जमावड़ा लगता है।
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रेस्टोरेंट की आड़ में शहर में हुक्काबार खुलेआम चल रहे हैं। किशोरवय के लड़के इन हुक्काबार में अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, साथ ही यहां अराजक तत्वों का भी जमावड़ा लगता है। ऐसे ही दो रेस्टोरेंट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। यह दोनों रेस्टारेंट धूमनगंज के झलवा के बताए जा रहे हैं। इसमें हुक्का पीते युवा कश उड़ाते नजर आ रहे हैं। हालांकि धूमनगंज पुलिस इससे इंकार कर रही है।यह दोनों वीडियो 12-12 सेकंड के हैं।
इनमें से एक में सात तो दूसरे में दर्जन भर से ज्यादा युवक साथ बैठकर हुक्का पीते नजर आ रहे हैं। यह दोनों ही रील वीडियो हैं। इसमें से पहले वीडियो की शुरुआत से ही डॉयलॉग, जबकि दूसरे में गाना सुनाई पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक, यह दोनों हुक्ककार झलवा स्थित पब्लिक स्कूल के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में संचालित किए जा रहे हैं। बाहर से तो यह रेस्टोरेंट हैं लेकिन यहां रोजाना हुक्का पीने के लिए जमावड़ा लगता है और इनमें नाबालिग भी शामिल होते हैं।
खास बात यह है कि यहां फ्लेवर के साथ ही नाबालिगों को तंबाकूयुक्त हुक्का भी परोसा जाता है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इनमें से एक हुक्काबार धूमनगंज के उमरी निवासी दबंग का है। हालांकि धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य का कहना है कि वीडियो संज्ञान में आया है। लेकिन यह धूमनगंज क्षेत्र का नहीं है। उन्होंने दावा किया कि धूमनगंज में कहीं भी हुक्काबार संचालित नहीं हो रहा है।
शहर से लेकर कस्बों तक फैला जाल
सूत्रों का कहना है कि पुलिस की फाइलों में तो कहीं भी हुक्काबार संचालित नहीं हो रहा है। हालांकि सच यह है कि शहर से लेकर कस्बों तक यह खेल चल रहा है। जार्जटाउन, कर्नलगंज, सिविल लाइंस, धूमनगंज, कैंट व नैनी में बड़े पैमाने पर रेस्टोरेंट्स में हुक्काबार संचालित हो रहा है। बता दें नैनी में कुछ दिनों पहले ही जेल रोड चौकी के पास हुक्काबार पकड़ा गया था। चौंकाने वाली बात यह कि यहां पहले भी दो बार युवाओं को हुक्का पीते पकड़ा जा चुका है। जिसमें एफआईआर भी दर्ज हुई थी। हालांकि इस मामले में अब तक उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, जिनकी मिलीभगत से यह खेल चल रहा था।