हॉकी : भारत की जीत में प्रयागराज ने भी बहाया पसीना, प्रयागराज के पीयूष हैं टीम के कोच
- झूंसी निवासी पीयूष दुबे प्रिंस भारतीय हॉकी टीम में निभा रहे हैं कोच का दायित्व
- इविवि के फिजिकल एजूकेशन विभाग में दे चुके हैं सेवाएं, केवि मनौरी को तैनाती के दौरान बनाया नेशनल चैंपियन
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टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में पदक का सूखा खत्म करने पर देश में जश्न है। देश को पदक दिलाने में पर्दे के पीछे भूमिका निभाने वालों में प्रयागराज का भी योगदान है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में कोच पीयूष दुबे झूंसी के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह साई (स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया) सोनीपत में हॉकी कोच हैं।
झूंसी के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले पीयूष कुमार दुबे प्रिंस ने पीडी मेमोरियल स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद हाई स्कूल और इंटर की पढ़ाई सीएवी स्कूल से पूरी की। इविवि से बीए और एमकी डिग्री हासिल की। इसी दौरान उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया। वह इविवि की हॉकी टीम के कप्तान भी रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात साई के कोच प्रेम शंकर शुक्ला से हुई।
कोच प्रेम शंकर शुक्ला की सलाह पर एनआईएस कोच का प्रशिक्षण लिया। करीब 23 साल की उम्र में ही केंद्रीय विद्यालय मनौरी में हॉकी कोच के रूप में चयन हो गया। इसके कुछ समय बाद इविवि के फिजिकल एजूकेशन विभाग में गेस्ट फेकेल्टी के रूप में काम किया। यहां करीब आठ साल तक काम करने के बाद दोबारा केंद्रीय विद्यालय चले गए। उनके कार्यकाल में केवि मनौरी की टीम ने नेशनल चैंपियन होने का गौरव प्राप्त किया।
एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए, एक टोक्यो ओलंपिक की टीम में भी
कोच पीयूष दुबे ने साई सोनीपत में अब तक करीब एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए हैं। इनमें से तीन जूनियर वर्ल्ड कप में खेल चुके हैं। एक संयोग यह भी है कि टोक्यो ओलंपिक में जिस भारतीय टीम के कोच पियूष दुबे हैं, उसी टीम में उनसे प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा सुमित पीयूष से प्रशिक्षण ले चुके हैं।
मूल रूप से मथुरा के रहने वाले पीयूष कुमार दुबे के पिता गवेंद्र सिंह दुबे (पहलवान होने के कारण सिंह उपाधि में मिली) पहलवान थे। वह कई वर्षों तक ब्रज केसरी भी रहे। वह प्रयागराज में भूमि संरक्षण विभाग में तैनात थे। पीयूष ने बताया कि पिता ने उनको अनुशासन में रहना सिखाया। उन्हीं की देन है कि वह आज पदक विजेता भारतीय टीम के कोच के पद पर पहुंचे हैं।
बर्मिंघम विवि से भी लिया कोचिंग प्रशिक्षण
पीयूष कुमार दुबे ने इंग्लैंड के बर्मिंघम विश्वविद्यालय से कोचिंग का प्रशिक्षण भी लिया है। उनका चयन विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स साइंस एंड कोचिंग प्रोग्राम के लिए हुआ था। भारत सरकार की ओर से देश से अलग-अलग खेलों से करीब 18 कोचों ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया था।