{"_id":"611e5daa8ebc3e79a449cd70","slug":"hockey-coach-prince-piyush-dubey-honored-on-arrival-in-prayagraj-on-20-august","type":"story","status":"publish","title_hn":"हॉकी कोच प्रिंस पीयूष दुबे का प्रयागराज आगमन पर सम्मान 20 अगस्त को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हॉकी कोच प्रिंस पीयूष दुबे का प्रयागराज आगमन पर सम्मान 20 अगस्त को
Thu, 19 Aug 2021 07:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 19 Aug 2021 07:03 PM IST
सार
- टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को ओलंपिक में 41 वर्ष कांस्य पदक जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले वाले राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम के कोच प्रिंस पीयूष दुबे पहली बार शहर आगमन पर भव्य स्वागत किया जाएगा।
विज्ञापन
Prayagraj News : पीयूष दुबे, भारतीय हॉकी टीम के कोच।
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को ओलंपिक में 41 वर्ष कांस्य पदक जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले वाले राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम के कोच प्रिंस पीयूष दुबे पहली बार शहर आगमन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। प्रयागराज की पावन धरती उनकी कर्मभूमि भी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के पुरातन छात्रों द्वारा शुक्रवार को 11:30 बजे उनका सम्मान किया जाएगा। वह शहर के झूंसी इलाके के रहने वाले हैं।
टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में पदक का सूखा खत्म करने पर देश में जश्न है। देश को पदक दिलाने में पर्दे के पीछे भूमिका निभाने वालों में प्रयागराज का भी योगदान है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में कोच पीयूष दुबे झूंसी के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह साई (स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया) सोनीपत में हॉकी कोच हैं।
विज्ञापन
कोच प्रेम शंकर शुक्ला की सलाह पर एनआईएस कोच का प्रशिक्षण लिया। करीब 23 साल की उम्र में ही केंद्रीय विद्यालय मनौरी में हॉकी कोच के रूप में चयन हो गया। इसके कुछ समय बाद इविवि के फिजिकल एजूकेशन विभाग में गेस्ट फेकेल्टी के रूप में काम किया। यहां करीब आठ साल तक काम करने के बाद दोबारा केंद्रीय विद्यालय चले गए। उनके कार्यकाल में केवि मनौरी की टीम ने नेशनल चैंपियन होने का गौरव प्राप्त किया।
एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए, एक टोक्यो ओलंपिक की टीम में भी
कोच पीयूष दुबे ने साई सोनीपत में अब तक करीब एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए हैं। इनमें से तीन जूनियर वर्ल्ड कप में खेल चुके हैं। एक संयोग यह भी है कि टोक्यो ओलंपिक में जिस भारतीय टीम के कोच पियूष दुबे हैं, उसी टीम में उनसे प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा सुमित पीयूष से प्रशिक्षण ले चुके हैं।
विज्ञापन
टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में पदक का सूखा खत्म करने पर देश में जश्न है। देश को पदक दिलाने में पर्दे के पीछे भूमिका निभाने वालों में प्रयागराज का भी योगदान है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में कोच पीयूष दुबे झूंसी के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह साई (स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया) सोनीपत में हॉकी कोच हैं।
विज्ञापन
प्रयागराज के रहने वाले हैं हॉकी कोच पीयूष दुबे
झूंसी के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले पीयूष कुमार दुबे प्रिंस ने पीडी मेमोरियल स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद हाई स्कूल और इंटर की पढ़ाई सीएवी स्कूल से पूरी की। इविवि से बीए और एमकी डिग्री हासिल की। इसी दौरान उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया। वह इविवि की हॉकी टीम के कप्तान भी रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात साई के कोच प्रेम शंकर शुक्ला से हुई।
विज्ञापन
कोच प्रेम शंकर शुक्ला की सलाह पर एनआईएस कोच का प्रशिक्षण लिया। करीब 23 साल की उम्र में ही केंद्रीय विद्यालय मनौरी में हॉकी कोच के रूप में चयन हो गया। इसके कुछ समय बाद इविवि के फिजिकल एजूकेशन विभाग में गेस्ट फेकेल्टी के रूप में काम किया। यहां करीब आठ साल तक काम करने के बाद दोबारा केंद्रीय विद्यालय चले गए। उनके कार्यकाल में केवि मनौरी की टीम ने नेशनल चैंपियन होने का गौरव प्राप्त किया।
एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए, एक टोक्यो ओलंपिक की टीम में भी
कोच पीयूष दुबे ने साई सोनीपत में अब तक करीब एक दर्जन इंटरनेशनल प्लेयर तैयार किए हैं। इनमें से तीन जूनियर वर्ल्ड कप में खेल चुके हैं। एक संयोग यह भी है कि टोक्यो ओलंपिक में जिस भारतीय टीम के कोच पियूष दुबे हैं, उसी टीम में उनसे प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा सुमित पीयूष से प्रशिक्षण ले चुके हैं।