{"_id":"5e1f72ce8ebc3e4b3412b4ff","slug":"hitech-district-jail-will-be-ready-at-a-cost-of-333-crores-naini-news-ald2658324181","type":"story","status":"publish","title_hn":"333 करोड़ की लागत से दिसंबर 2020 में बनकर तैयार होगी हाईटेक जिला जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
333 करोड़ की लागत से दिसंबर 2020 में बनकर तैयार होगी हाईटेक जिला जेल
विज्ञापन
नैनी। प्रयागराज में निर्माणाधीन जिला कारागार दिसंबर 2020 में बनकर तैयार हो जाएगी। राजकीय निर्माण निगम प्रयागराज की ओर से बनाई जा रही यह जिला जेल परिक्षेत्र की अन्य आठ जेलों के साथ-साथ केंद्रीय कारागार नैनी से भी क्षमता के मामले में बड़ी होगी। यहां पर कुल 2677 कैदियों को रखने की क्षमता होगी, जबकि केंद्रीय कारागार नैनी की क्षमता 2060 कैदियों की है। करीब 333 करोड़ रुपये की लागत से दो तल में बन रहा जिला कारागार प्रदेश का अब तक का सबसे हाईटेक कारागार होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश की इकलौती सेंट्रल जेल नैनी हैं, जहां सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदी एक साथ रखे जाते हैं। क्षमता से दो गुना कैदी जेल में होने की वजह से काफी दिनों से जिला कारागार अलग बनाए जाने की मांग उठ रही थी। उसी के मद्देनजर शासन के आदेश पर लगभी 237 एकड़ में फैले केंद्रीय कारागार नैनी के पूर्वी छोर के करीब 63 एकड़ में दिसंबर 2014 से जिला कारागार का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसके निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम प्रयागराज इकाई को सौंपा गया है। पहली बार में इसके लिए 160 करोड़ रुपये के करीब का बजट जारी किया गया था। जिसमें निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव सिंह के अनुसार करीब 67 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अभी 33 प्रतिशत काम होना बाकी है। स्थलीय हालात के मुताबिक अभी जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के आवास, अंदर की बैरक और अंदरूनी चहारदीवारी बनकर तैयार हो चुकी है। बाहरी चहारदीवारी का निर्माण अभी अधूरा है। मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार तथा प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य भी होना बाकी है। साथ ही जेल की चारों तरफ की चहारदीवारी से लगी हुई आरसीसी रोड और लाइटिंग का काम भी अधूरा है। कर्मचारियों का आवासीय भवन बनना बाकी है। इसके अलावा अंदरूनी हिस्से में सडक़, नाली, बिजली एवं पानी के साथ खिडक़ी, दरवाजे एवं गेट के साथ डेंटिंग एवं पेंटिंग काम भी अभी अधूरा है।
पहले मिले थे 160 करोड़, अबकी बार मिले 173 करोड़
नैनी। जिला कारागार दिसंबर 2020 तक में बनकर जेल प्रशासन की सुपुर्दगी में दे दिया जाएगा। पुनरीक्षित एस्टीमेट के रूप में 173 करोड़, 33 लाख 28 हजार रुपये व जीएसटी की मंजूरी मिलने के बाद जेल निर्माण कार्य में आ रही रुकावट दूर हो गई है। निर्माण इकाई से जुड़े लोगों का कहना है कि बजट मिलने के बाद अब हमारा सिर्फ एक ध्येय है कि निर्धारित समयावधि के अंदर जेल का निर्माण करके जेल प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाए। 160 करोड़ के पहले के बजट और अब 173 करोड़ के बजट को मिलाकर करीब 333 करोड़ रुपये का बजट जेल निर्माण का हो गया है। हालांकि पहले यह समयावधि दिसंबर 2018 और और फिर दिसंबर 2019 थी।
विज्ञापन
वरिष्ठ जेल अधीक्षक के आवास के उत्तरी छोर पर बनेगा नया प्रवेश द्वार
नैनी। जिला कारागार का मुख्य गेट जहां बनाया जाना है, वो प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग है। जेल की चहारदीवारी के बाहर वहां पर मकान बना हुआ है। जब तक उसे गिराया नहीं जाएगा, तब तक मिर्जापुर रोड तक नहीं पहुंचा जा सकता। यह नया मार्ग फिलहाल वरिष्ठ जेल अधीक्षक के पुराने आवास के उत्तरी छोर में बनना है। जेल प्रशासन के मुताबिक फिलवक्त जहां पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक का पुराना आवास है, उसे गिराकर वहीं पर जेल का प्रशासनिक भवन बनना है लेकिन चुकि उस भवन में वरिष्ठ जेल अधीक्षक रह रहे हैं और उनका नया आवास अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है, इसलिए उसे गिराने का काम रुका हुआ है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के नए आवास में शिफ्ट होने के बाद पुराना भवन ढहाया जाएगा और नया प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा। उसी के बाद नये मुख्य द्वार भी बनेगा जो केंद्रीय और जिला कारागार दोनों तरफ जाएगा।
निर्माणाधीन जिला कारागार की स्थिति
सेंट्रल जेल नैनी का पूरा क्षेत्रफल: 237 एकड़
जिला कारागार का क्षेत्रफल: 63 एकड़
सर्किलों की संख्या: 3
बैरिकों की संख्या: 22
नैनी सेंट्रल जेल में कैदियों की क्षमता: 2060
वर्तमान में कैदियों की संख्या: 4275
निर्माणाधीन जिला कारागार में कैदियों की क्षमता: 2677
जेल का बजट करीब 160 करोड़ रुपये था, जिसमें निर्माण इकाई को अब तक 123 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। शेष राशि का भुगतान भी जल्द हो जाएगा। पुनरीक्षित एस्टीमेट से मिलने वाली रकम से बचे हुए सारे कार्य पूरे किए जाएंगे।
हरिबक्श सिंह
वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी, प्रयागराज।
प्रयागराज जिला कारागार परिक्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश की सभी जिला कारागारों की अपेक्षा ज्यादा क्षमता वाली जेल बन रही है। यह अन्य जेलों की अपेक्षा आधुनिक भी है। राजकीय निर्माण निगम ने इस बार निर्धारित समयावधि के अंदर निर्माण कार्य पूरा करके जिला कारागार को हैंडओवर करने का वायदा किया है।
बीआर वर्मा
डीआईजी, जेल प्रयागराज परिक्षेत्र।
नैनी मंडल के महामंत्री बने रामजी व ओम प्रकाश
नैनी(संवाद)। भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष प्रयाग गणेश केशरवानी के निर्देश पर नैनी मंडल अध्यक्ष दिलीप केशरवानी की मौजूदगी में यहां की टीम का गठन किया गया। जिसमें रामजी मिश्रा और ओम प्रकाश मिश्रा को महामंत्री, लल्लूराम प्रजापति, शिवदानी पटेल, अनुराधा सिंह, सुरेश पटेल, शत्रुघ्र यादव, सुनील केशरवानी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। विद्या सिंह, शुभम पाल, विनोद शंकर त्रिपाठी, विजय राय, धर्मेंद्र भारतीया को मंत्री एवं दुर्गेश मिश्रा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
हादसे में झुलसे पति का इलाज कराने के लिए भटक रही महिला
निर्माणाधीन मकान में काम करते वक्त करंट की चपेट में आ गया था राजगीर
महिला ने मकान मालिक पर इलाज में मदद न करने का आरोप लगाकर लिखाई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नैनी । क्षेत्र के माधवपुर खरकौनी इलाके में मकान निर्माण के दौरान एचटी लाइन की चपेट में आकर अपने दोनों पैर गंवाने वाले राजगीर के पत्नी की व्यथा को एसएसपी ने सुना और नैनी पुलिस को मुकदमा दर्ज कार्रवाई करने का आदेश दिया। तब जाकर नैनी पुलिस की कुंभकर्णी निद्रा टूटी और पीड़िता के शिकायती पत्र के आधार पर बुधवार को एफआईआर दर्ज किया।
मध्य प्रदेश के रीवां जनपद अंतर्गत जवा की रहने वाली मनीषा देवी के अनुसार उसका पति जगत प्रसाद प्रजापति नैनी इलाके में रहता है। वह खरकौनी में विनोद कुमार तिवारी के मकान में काम कर रहा था। गत 15 दिसंबर को राजगीरी का काम करते वक्त विनोद कुमार के घर के ऊपर से गए एचटी लाइन के तार की चपेट में आने से जगत प्रसाद गंभीर रूप से झुलस गया था। तब से वह पति का इलाज खुद करा रही है। उसके पति के दोनों पैर कट गए हैं लेकिन जिसके मकान में काम करते वक्त जगत प्रसाद झुलसा, वो मकान मालिक कोई मदद नहीं कर रहा था। काफी गुजारिश के बाद 10 हजार रुपये उसने एक बार दिए थे, जबकि मनीषा देवी का दावा है कि उसका इलाज में एक लाख रुपये से ज्यादा लग गया। वह थाने गई तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई। हताश होकर एसएसपी के यहां गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर बुधवार को विनोद कुमार तिवारी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रदेश की इकलौती सेंट्रल जेल नैनी हैं, जहां सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदी एक साथ रखे जाते हैं। क्षमता से दो गुना कैदी जेल में होने की वजह से काफी दिनों से जिला कारागार अलग बनाए जाने की मांग उठ रही थी। उसी के मद्देनजर शासन के आदेश पर लगभी 237 एकड़ में फैले केंद्रीय कारागार नैनी के पूर्वी छोर के करीब 63 एकड़ में दिसंबर 2014 से जिला कारागार का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसके निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम प्रयागराज इकाई को सौंपा गया है। पहली बार में इसके लिए 160 करोड़ रुपये के करीब का बजट जारी किया गया था। जिसमें निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव सिंह के अनुसार करीब 67 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अभी 33 प्रतिशत काम होना बाकी है। स्थलीय हालात के मुताबिक अभी जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के आवास, अंदर की बैरक और अंदरूनी चहारदीवारी बनकर तैयार हो चुकी है। बाहरी चहारदीवारी का निर्माण अभी अधूरा है। मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार तथा प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य भी होना बाकी है। साथ ही जेल की चारों तरफ की चहारदीवारी से लगी हुई आरसीसी रोड और लाइटिंग का काम भी अधूरा है। कर्मचारियों का आवासीय भवन बनना बाकी है। इसके अलावा अंदरूनी हिस्से में सडक़, नाली, बिजली एवं पानी के साथ खिडक़ी, दरवाजे एवं गेट के साथ डेंटिंग एवं पेंटिंग काम भी अभी अधूरा है।
विज्ञापन
पहले मिले थे 160 करोड़, अबकी बार मिले 173 करोड़
नैनी। जिला कारागार दिसंबर 2020 तक में बनकर जेल प्रशासन की सुपुर्दगी में दे दिया जाएगा। पुनरीक्षित एस्टीमेट के रूप में 173 करोड़, 33 लाख 28 हजार रुपये व जीएसटी की मंजूरी मिलने के बाद जेल निर्माण कार्य में आ रही रुकावट दूर हो गई है। निर्माण इकाई से जुड़े लोगों का कहना है कि बजट मिलने के बाद अब हमारा सिर्फ एक ध्येय है कि निर्धारित समयावधि के अंदर जेल का निर्माण करके जेल प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाए। 160 करोड़ के पहले के बजट और अब 173 करोड़ के बजट को मिलाकर करीब 333 करोड़ रुपये का बजट जेल निर्माण का हो गया है। हालांकि पहले यह समयावधि दिसंबर 2018 और और फिर दिसंबर 2019 थी।
विज्ञापन
वरिष्ठ जेल अधीक्षक के आवास के उत्तरी छोर पर बनेगा नया प्रवेश द्वार
नैनी। जिला कारागार का मुख्य गेट जहां बनाया जाना है, वो प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग है। जेल की चहारदीवारी के बाहर वहां पर मकान बना हुआ है। जब तक उसे गिराया नहीं जाएगा, तब तक मिर्जापुर रोड तक नहीं पहुंचा जा सकता। यह नया मार्ग फिलहाल वरिष्ठ जेल अधीक्षक के पुराने आवास के उत्तरी छोर में बनना है। जेल प्रशासन के मुताबिक फिलवक्त जहां पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक का पुराना आवास है, उसे गिराकर वहीं पर जेल का प्रशासनिक भवन बनना है लेकिन चुकि उस भवन में वरिष्ठ जेल अधीक्षक रह रहे हैं और उनका नया आवास अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है, इसलिए उसे गिराने का काम रुका हुआ है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के नए आवास में शिफ्ट होने के बाद पुराना भवन ढहाया जाएगा और नया प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा। उसी के बाद नये मुख्य द्वार भी बनेगा जो केंद्रीय और जिला कारागार दोनों तरफ जाएगा।
निर्माणाधीन जिला कारागार की स्थिति
सेंट्रल जेल नैनी का पूरा क्षेत्रफल: 237 एकड़
जिला कारागार का क्षेत्रफल: 63 एकड़
सर्किलों की संख्या: 3
बैरिकों की संख्या: 22
नैनी सेंट्रल जेल में कैदियों की क्षमता: 2060
वर्तमान में कैदियों की संख्या: 4275
निर्माणाधीन जिला कारागार में कैदियों की क्षमता: 2677
जेल का बजट करीब 160 करोड़ रुपये था, जिसमें निर्माण इकाई को अब तक 123 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। शेष राशि का भुगतान भी जल्द हो जाएगा। पुनरीक्षित एस्टीमेट से मिलने वाली रकम से बचे हुए सारे कार्य पूरे किए जाएंगे।
हरिबक्श सिंह
वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी, प्रयागराज।
प्रयागराज जिला कारागार परिक्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश की सभी जिला कारागारों की अपेक्षा ज्यादा क्षमता वाली जेल बन रही है। यह अन्य जेलों की अपेक्षा आधुनिक भी है। राजकीय निर्माण निगम ने इस बार निर्धारित समयावधि के अंदर निर्माण कार्य पूरा करके जिला कारागार को हैंडओवर करने का वायदा किया है।
बीआर वर्मा
डीआईजी, जेल प्रयागराज परिक्षेत्र।
नैनी मंडल के महामंत्री बने रामजी व ओम प्रकाश
नैनी(संवाद)। भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष प्रयाग गणेश केशरवानी के निर्देश पर नैनी मंडल अध्यक्ष दिलीप केशरवानी की मौजूदगी में यहां की टीम का गठन किया गया। जिसमें रामजी मिश्रा और ओम प्रकाश मिश्रा को महामंत्री, लल्लूराम प्रजापति, शिवदानी पटेल, अनुराधा सिंह, सुरेश पटेल, शत्रुघ्र यादव, सुनील केशरवानी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। विद्या सिंह, शुभम पाल, विनोद शंकर त्रिपाठी, विजय राय, धर्मेंद्र भारतीया को मंत्री एवं दुर्गेश मिश्रा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
हादसे में झुलसे पति का इलाज कराने के लिए भटक रही महिला
निर्माणाधीन मकान में काम करते वक्त करंट की चपेट में आ गया था राजगीर
महिला ने मकान मालिक पर इलाज में मदद न करने का आरोप लगाकर लिखाई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नैनी । क्षेत्र के माधवपुर खरकौनी इलाके में मकान निर्माण के दौरान एचटी लाइन की चपेट में आकर अपने दोनों पैर गंवाने वाले राजगीर के पत्नी की व्यथा को एसएसपी ने सुना और नैनी पुलिस को मुकदमा दर्ज कार्रवाई करने का आदेश दिया। तब जाकर नैनी पुलिस की कुंभकर्णी निद्रा टूटी और पीड़िता के शिकायती पत्र के आधार पर बुधवार को एफआईआर दर्ज किया।
मध्य प्रदेश के रीवां जनपद अंतर्गत जवा की रहने वाली मनीषा देवी के अनुसार उसका पति जगत प्रसाद प्रजापति नैनी इलाके में रहता है। वह खरकौनी में विनोद कुमार तिवारी के मकान में काम कर रहा था। गत 15 दिसंबर को राजगीरी का काम करते वक्त विनोद कुमार के घर के ऊपर से गए एचटी लाइन के तार की चपेट में आने से जगत प्रसाद गंभीर रूप से झुलस गया था। तब से वह पति का इलाज खुद करा रही है। उसके पति के दोनों पैर कट गए हैं लेकिन जिसके मकान में काम करते वक्त जगत प्रसाद झुलसा, वो मकान मालिक कोई मदद नहीं कर रहा था। काफी गुजारिश के बाद 10 हजार रुपये उसने एक बार दिए थे, जबकि मनीषा देवी का दावा है कि उसका इलाज में एक लाख रुपये से ज्यादा लग गया। वह थाने गई तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई। हताश होकर एसएसपी के यहां गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर बुधवार को विनोद कुमार तिवारी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया।