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मेडिकल छात्रों से बढ़ी फीस वसूलने पर छह सप्ताह तक रोक
Thu, 08 Oct 2020 02:38 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 02:38 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेडिकल छात्रों की फीस वृद्धि के खिलाफ याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी है कि छात्र फीस वसूली आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करें। कोर्ट ने अपील तय होने तक या छह सप्ताह तक छात्रों से जबरदस्ती वसूली करने पर रोक लगाई है। रामा मेडिकल कॉलेज हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हापुड के छात्रों की सरकार द्वारा फीस बढ़ाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर कोर्ट ने छात्रों को 10दिन में अपील दाखिल करने का समय दिया है। सक्षम अधिकारी को चार सप्ताह में अपील तय करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने डाक्टर किंगशुक कार व 18 अन्य की याचिका पर दिया है ।
याचियों का कहना था कि वे एमबीबीएस उत्तीर्ण छात्र है। नीट में सफल घोषित होने के बाद उन्हें काउंसलिंग में कालेज आवंटित किया गया। फीस जमा कर पीजी कोर्स में प्रवेश लिया है। 31अगस्त 20 के आदेश से सात मेडिकल कालेजों की फीस बढ़ा दी गई है। उनसे छह लाख 29 हजार 624 रुपये अतिरिक्त शिक्षण शुल्क की मांग की जा रही है। बिना याचियों का पक्ष सुने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई गई है। राज्य सरकार के अधिवक्ता बी पी सिंह कछवाहा ने कहा कि याची को ऐसे आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का विकल्प प्राप्त है। याचिका पोषणीय नहीं है। इसपर कोर्ट ने अपील तय होने तक उत्पीड़नात्मक कार्यवाई पर रोक लगा दी है।
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याचियों का कहना था कि वे एमबीबीएस उत्तीर्ण छात्र है। नीट में सफल घोषित होने के बाद उन्हें काउंसलिंग में कालेज आवंटित किया गया। फीस जमा कर पीजी कोर्स में प्रवेश लिया है। 31अगस्त 20 के आदेश से सात मेडिकल कालेजों की फीस बढ़ा दी गई है। उनसे छह लाख 29 हजार 624 रुपये अतिरिक्त शिक्षण शुल्क की मांग की जा रही है। बिना याचियों का पक्ष सुने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई गई है। राज्य सरकार के अधिवक्ता बी पी सिंह कछवाहा ने कहा कि याची को ऐसे आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का विकल्प प्राप्त है। याचिका पोषणीय नहीं है। इसपर कोर्ट ने अपील तय होने तक उत्पीड़नात्मक कार्यवाई पर रोक लगा दी है।
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