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शहर की ध्वस्त पार्किंग व्यवस्था से हाईकोर्ट नाराज
Tue, 28 May 2019 10:57 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 May 2019 10:57 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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शहर की खस्ताहाल पार्किंग व्यवस्था और इसकी वजह से लग रहे ट्रैफिक जाम पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। हालात पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने जनहित याचिका कायम की है। प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रयागराज के जिलाधिकारी, एसएसपी, पीडीए उपाध्यक्ष, एसपी यातायात सहित कई अधिकारियों को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सभी को 12 जुलाई को इस मसले पर हलफनामा दाखिल कर जवाब देने का निर्देश दिया है।
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मामले की सुनवाई जस्टिस पीकेएस बघेल और जस्टिस आरआर अग्रवाल की खंडपीठ कर रही है। कोर्ट ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान केंद्र और राज्य सरकार से विकास कार्यों के लिए भारी धनराशि मिली। इससे सड़कों के चौड़ीकरण का काम किया गया, मगर पार्किंग नहीं बनाई। शहर की चौड़ी हुई सड़कों का उपयोग अब लोग वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग के तौर पर कर रहे हैं। इससे सड़कों को चौड़ा करना अर्थहीन हो गया।
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प्रमुख बाजार सिविल लाइंस में पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति काफी खराब है। महात्मा गांधी मार्ग और सरदार पटेल मार्ग पर बेतरतीब वाहनों के खड़ा होने से पैदल चलने वालों और बच्चों को खतरा पैदा हो गया है। पार्किंग के लिए पीडीए ने कोई रोडमैप नहीं बनाया है। शहर में शॉपिंग मॉल, कई व्यवसायिक कांपलेक्स, होटल, नर्सिंगहोम, शादी घर चल रहे हैं, मगर कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। पीडीए बिना पार्किंग के ही नक्शा पास कर रही है।
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जानवरों की तरह नहीं जी सकते
खराब यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि संविधान हमें जीने का मौलिक अधिकार देता है, मगर यह जानवरों की तरह जीने के लिए नहीं है। हमें गौरवपूर्ण मानवीय जीवन जीने का अधिकार है।
शहर में करीब डेढ़ लाख चार पहिया वाहन
शहर में 144478 चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 4829 व्यवसायिक वाहन है, शेष निजी वाहन हैं। इनके अलावा आटो रिक्शा और ई-रिक्शा भी हजारों की संख्या में हैं। सिविल लाइंस की एकमात्र मल्टीलेवल पार्किंग में 335 वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था है। मगर, पार्किंग ज्यादातर खाली रहती है। वाहन सड़कों पर ही खड़े किए जाते हैं।