सक्रिय वकालत करने वालों को ही बार देगा मदद, बैठक में तैयार किया गया प्रारूप
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लॉक डाउन के दौरान जरुरतमंद वकीलों और मुंशियों की मदद के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने बुधवार को बैठक कर अधिवक्ताओं को मदद पहुंचाने के लिए नियम कानून तय कर दिए हैं । कमेटी के सदस्यों की बैठक में उन तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई कि किस प्रकार से जरूरतमंद वकीलों को मदद पहुंचाई जा सके तथा गलत लोग इस योजना का लाभ न ले सकें । इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं । कमेटी ने तय किया है कि अधिवक्ता क्लर्क अपने एसोसिएशन के माध्यम से मदद के लिए कमेटी से संपर्क करें।
उन्हें आवेदन के साथ अपना नाम, उस अधिवक्ता का नाम जिसके मातहत वो कार्यरत हैं, उनका फोन नंबर इत्यादि कमेटी को आवेदन के साथ देना होगा। इसी प्रकार जरूरतमंद वकीलों की मदद के लिए एक प्रोफार्मा तैयार किया गया है, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
10 साल या उससे कम प्रैक्टिस वाले वकील मदद के लिए आवेदन कर सकते है । तय किया गया है कि 5 साल या उससे कम वकालत वाले अधिवक्ता अपने सीनियर के नाम, एडवोकेट रोल नंबर मोबाइल नंबर के साथ आवेदन करेंगे । 5 साल या उससे अधिक मगर 10 साल से कम की वकालत वाले अधिवक्ता पिछले उन 3 मुकदमों का भी विवरण देंगे जो उन्होंने पिछले 6 महीने में किए हैं । इसके अलावा प्रोफार्मा में दिए गए कॉलम भरने होंगे ।
समिति ने निर्णय लिया है कि ऐसे वकीलों को मदद नहीं दी जाएगी जो राज्य सरकार अथवा किसी सरकारी गैरसरकारी निकाय के पैनल में शामिल हैं। जिनके पति अथवा पत्नी सरकारी सेवा में हैं, वो भी मदद पाने के हकदार नहीं होंगे। मदद लेने वाले वकील को यह भी बताना होगा कि वह आयकरदाता है अथवा नहीं या उसने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से चिकित्सकीय सहायता कभी ली है या नहीं।
कमेटी के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह भी निर्णय लिया है कि वह वेलफेयर फंड में 50-50 हज़ार रुपये का अनुदान देंगे। अन्य सदस्यों से भी सहयोग देने की अपील की गई है। कमेटी ने जिलाधिकारी प्रयागराज से अनुरोध किया है एक सामान्य आदेश जारी करें कि किसी भी किराएदार को लॉक डाउन के दौरान मकान से निकाला नहीं जाएगा और यदि वकील ऐसी कोई शिकायत करता है पुलिस पर तत्काल कार्रवाई करें ।
बार से मदद चाहने वाले वकीलों को अपना आवेदन पत्र 24 अप्रैल तक भरकर देना होगा। बैठक में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडे, महासचिव जेपी सिंह, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह नवनिर्वाचित महासचिव प्रभाशंकर मिश्र और मुख्य स्थायी अधिवक्ता विकास चंद्र त्रिपाठी मौजूद थे।