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High Court : हाईकोर्ट ने बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी मुरादाबाद को किया तलब
Fri, 08 Aug 2025 03:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Aug 2025 03:54 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारी मुरादाबाद को व्यक्तिगत हलफनामे के साथ 11 अगस्त को तलब किया है। इस मामले में कोर्ट ने जनता जूनियर हाईस्कूल ग्राम लौंगी कलां, मुरादाबाद के प्रबंधक को भी नोटिस जारी किया है।
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अमर उजाला।
- फोटो : Amar ujala
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारी मुरादाबाद को व्यक्तिगत हलफनामे के साथ 11 अगस्त को तलब किया है। इस मामले में कोर्ट ने जनता जूनियर हाईस्कूल ग्राम लौंगी कलां, मुरादाबाद के प्रबंधक को भी नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अशोक कुमार की याचिका पर दिया है।
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इससे पूर्व कोर्ट के जानकारी मांगने पर बीएसए ने पूरक हलफनामा दाखिल कर कहा था कि याची को जून 2025 का पूरा वेतन 63,689 रुपये का भुगतान कर दिया गया है। कोई कटौती नहीं की गई है। वहीं, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता का कहना है कि अधिकारियों व स्कूल प्रबंधक की मिलीभगत से याची ने गलत वेतनमान तय करा लिया। हालांकि, याची ने इस आरोप से इन्कार किया। कोर्ट ने गड़बड़ी की आशंका पर बीएसए व वित्त व लेखाधिकारी को तलब किया है। साथ ही सुनवाई के लिए अगली तिथि 11 अगस्त नियत की है। ब्यूरो
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गाजियाबाद नगर आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश के बावजूद ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी करने पर गाजियाबाद नगर आयुक्त के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने याची सुनील कुमार की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि नगर निगम गाजियाबाद की ओर से याची को दुकान के लिए भूमि आवंटित किया गया था। इसके बाद याची पर अतिक्रमण का आरोप लगा निगम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का रुख किया था। इस पर कोर्ट ने याची के पक्ष में स्थगन आदेश पारित किया था। यह याचिका लंबित रहने के दौरान निगम ने याची को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया। यह कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोर्ट ने नगर आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी कर नाै सितम्बर तक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।