फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High court strict on disposal of bio medical waste

बायो मेडिकल कचरे के निस्तारण पर हाईकोर्ट सख्त

Sun, 29 Sep 2019 02:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
High court strict on disposal of bio medical waste
High court strict on disposal of bio medical waste
बायो मेडिकल कचरे के निस्तारण पर हाईकोर्ट सख्त
विज्ञापन

क्रासर
मेडिकल कचरा निस्तारण पर हर माह रिपोर्ट देने का निर्देश, निगरानी कमेटी गठित करे सरकार
दो ऑपरेटरों फैरो बिल्ड हार्ड इंडिया प्रालि व संगम मेडिसर्व प्रालि को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रयागराज के अस्पतालों, नर्सिंग होमों व क्लीनिकों के मेडिकल कचरे के निस्तारण की निगरानी कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कचरे के निस्तारण का जिम्मा उठा रही दो कंपनियों फैरो बिल्ड हार्ड इंडिया प्रालि व संगम मेडीसर्व प्रालि जैतापुर हंडिया को नोटिस जारी पर प्रत्येक महीने कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण कर वैधानिक कार्रवाई करने तथा ऑपरेटर कंपनियों के जरिए कचरे के निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की निगरानी करने का आदेश दिया है। याचिका की सुनवाई एक नवंबर को होगी।
विज्ञापन

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने विधि छात्रा वैशाली सिंह व 11 अन्य की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर आशीष मिश्र, बोर्ड के अधिवक्ता डॉ एचएन त्रिपाठी, भारत सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी व राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रथम जेएन मौर्या ने पक्ष रखा। याचिका में मेडिकल कचरे के निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने से जानलेवा बीमारी का अंदेशा व्यक्त किया गया है। और प्रभावी निस्तारण व्यवस्था की मांग की गई है। सरकार ने हलफनामा दिया और बताया कि निगरानी प्राधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है। सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत 28 सदस्यीय निगरानी कमेटी बनी है। जिसमे विभिन्न विभागों के अधिकारी सदस्य हैं। कोर्ट ने कहा कि यह नहीं बताया गया है कि कचरे का निस्तारण किस तरह से कैसे किया जा रहा है। कचरे की छंटनी,पैकिंग, परिवहन व स्टोरेज की क्या व्यवस्था की गयी है। दोनों ऑपरेटर कंपनियां किस तरह से काम कर रही हैं, नही बताया गया है। हलफनामे में यह जानकारी दी गई है कि प्रयागराज में 55 सरकारी अस्पताल, 414 नर्सिंग होम, एक ब्लड बैंक, 119 पैथालॉजी, 111 डेंटल क्लीनिक, 115 क्लीनिक(आंख)व 50 पशु अस्पताल है। जिला पर्यावरण कमेटी निगरानी कर रही है। कोर्ट ने कहा बायो बेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत कमेटी गठित की जाए और डिस्पोजल व्यवस्था की प्रभावी निगरानी की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed