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हाईकोर्ट सख्त : लापता मरीज को पेश करे सरकार, नहीं तो अधिकारियों पर लगेगा भारी हर्जाना लगेगा

Mon, 11 Apr 2022 11:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 11 Apr 2022 11:23 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज लापता है। न उसे डिस्चार्ज किया गया और न ही परिवार वालों को सौंपा गया। 82 साल का कोरोना मरीज चलने-फिरने में असमर्थ था। इसके बावजूद लापता है। पुलिस महकमा पिछले 11 महीने से कोर्ट के आदेश के बावजूद लापता मरीज को कोर्ट में पेश नहीं कर सका है।

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High Court strict: Government should present the missing patient, otherwise the officials will face heavy damages
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) प्रयागराज से लापता कोरोना मरीज रामलाल यादव को हर हाल में 25 अप्रैल को पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर पेश नहीं किया गया तो अपर मुख्य सचिव गृह, एसएसपी प्रयागराज सहित विपक्षियों को तलब कर भारी हर्जाना लगाएंगे। अस्पताल से रामलाल आठ मई 2021 से ही लापता है।

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कोर्ट ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज लापता है। न उसे डिस्चार्ज किया गया और न ही परिवार वालों को सौंपा गया। 82 साल का कोरोना मरीज चलने-फिरने में असमर्थ था। इसके बावजूद लापता है। पुलिस महकमा पिछले 11 महीने से कोर्ट के आदेश के बावजूद लापता मरीज को कोर्ट में पेश नहीं कर सका है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने राहुल यादव की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

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बेली अस्पताल में भर्ती रामलाल चार मई 2021 से हैं लापता

रामलाल यादव चार मई 2021 को बेली अस्पताल में भर्ती हुए। आठ मई से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों और अपर मुख्य सचिव गृह को लापता मरीज को पेश करने का कई बार निर्देश दिया। कोर्ट ने पुलिस द्वारा गंभीर प्रयास न करने पर नाराजगी जताई।



मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसएसपी प्रयागराज सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार मरीज का आक्सीजन 68 फीसदी हो गया था। जिससे उसे इमर्जेंसी वार्ड से ट्रामा सेंटर शिफ्ट किया गया। जहां से डिस्चार्ज नहीं किया गया और न ही परिवार के हवाले किया गया है। पुलिस लापता मरीज को पेश नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने कहा कि मरीज को पेश करें, नहीं तो कोर्ट सभी विपक्षियों को तलब कर भारी हर्जाना लगाएगी।

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