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High Court: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण पर यथास्थिति का आदेश, सरकार से मांगा जवाब
Wed, 14 May 2025 01:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 14 May 2025 01:58 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी इलाके में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। चौड़ीकरण की जद में आ रहे लगभग 189 मकानों की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी इलाके में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। चौड़ीकरण की जद में आ रहे लगभग 189 मकानों की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। साथ ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मामले पर एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने शहनाज परवीन की याचिका पर दिया है। अगली सुनवाई 20 मई को निर्धारित की गई है। याची अधिवक्ता मनीष सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि वाराणसी जिला प्रशासन प्रभावित सभी मकानों के मुआवजे की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। दालमंडी का यह प्रोजेक्ट 100 करोड़ से अधिक का है। इसलिए इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
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प्रदेश सरकार काशी विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं की पहुंच को सुगम बनाने के लिए चौक से जुड़ने वाली दालमंडी की सड़क 17 मीटर (56 फीट) तक चौड़ी करने की योजना बना रही है। इसकी जद में लगभग 189 मकान आ रहे हैं। दस्तावेजों के अनुसार चौड़ीकरण क्षेत्र में आने वाले अधिकांश मकान आबादी की जमीन पर बने हैं।
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दालमंडी के छह मकान मालिकों और दुकानदारों ने इसका विरोध कर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सड़क की चौड़ाई 17 मीटर होने से पूरा बाजार ही समाप्त हो जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन ने बिना किसी अधिग्रहण प्रक्रिया के ही उनके मकानों को ध्वस्त करने की धमकी दे रहा है।