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हाईकोर्ट ने कम की चरस तस्करी के आरोपी की सजा, रिहाई का आदेश

Sun, 24 Jan 2021 09:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 24 Jan 2021 09:40 PM IST
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High court sentenced accused of hash smuggling, order for release
मुकदमा - फोटो : demo pic
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो किलो चरस की तस्करी में 12साल की सजा काटने के बाद जुर्माना जमा न कर पाने पर  तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगत रहे नेपाली नागरिक को छ: माह की सजा पूरी करने पर रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने गरीबी के चलते जुर्माना राशि जमा करने की असमर्थता को देखते हुए तीन साल की सजा को घटाकर छ: माह कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत सिंह ने रामतीर्थ की सजा के खिलाफ अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिया है। 
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अपील पर अधिवक्ता न्यायमित्र  रवीन्द्र बालकृष्ण कन्हरे ने बहस की।इनका कहना था कि सिद्धार्थ नगर के ढेबरूआ थाना क्षेत्र में रामतीर्थ को चरस के बैग के साथ 11जनवरी 2008 को गिरफ्तार कर जेल मे डाल दिया गया। तभी से वह जेल में है।अपर सत्र न्यायाधीश ने 19 जून 08 को एन डी पी एस एक्ट के तहत अपराध में दोषी करार देते हुए 12 साल की कैद व 1लाख 20हजार जुर्माने की सजा सुनाई और कहा कि जुर्माना न देने पर तीन साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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कन्हरे का कहना था कि अपीलार्थी ने पूरी सजा काट ली है। गरीबी के चलते जुर्माना जमा नहीं कर पाया ।तो तीन साल की सजा पूरी कर रहा है। कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए जुर्माना जमा न करने की सजा घटाकर छ: माह कर दिया है और कहा है कि सजा पूरी होते ही रिहा कर दिया जाए।
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