High Court : जवाबी एफआईआर पर शुरू आपराधिक कार्यवाही पर जवाब तलब, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
मामला मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। याची और उसके पड़ोसी के बीच घर के सामने गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाबी एफआईआर पर शुरू हुए आपराधिक कार्यवाही के तहत याची के विरुद्ध किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए सरकार से छह हफ्ते में जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की अदालत ने मुरादाबाद की याची किरन उर्फ किरन चौहान की ओर से निचली अदालत में लंबित आपराधिक कार्यवाही और जारी हुए तलबी आदेश की वैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
मामला मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। याची और उसके पड़ोसी के बीच घर के सामने गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि याची के घर ट्रेवल्स कारोबारी पड़ोसी घर के सामने लगे हरे पेड़ों को कटवा कर अवैध पार्किंग बनवा रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद होता था। पुलिस और नगर निगम से अवैध पार्किंग के खिलाफ शिकायत की गई थी।
याची की तहरीर पर विपक्षी समेत नौ लोगों के विरुद्ध गाली गलौज, धमकी, मारपीट करने व अवैध गाड़ी खड़ी करने के संदर्भ में एफआईआर दर्ज हुई। जिसे वापस लेने का दबाव बनाने के लिए विपक्षी कारोबारी ने याची के विरुद्ध गाली-गलौज करने की झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है। विवेचना के बाद पुलिस ने याची के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। निचली अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए याची को बतौर आरोपी तलब किया था। कोर्ट ने सरकार और विपक्षी से छह हफ्ते में जवाब तलब करते हुए याची के विरुद्ध किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी।