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High Court : तदर्थ हकीम की सेवा के नियमितीकरण मामले से इनकार करने पर जवाब तलब
Wed, 24 Aug 2022 11:41 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Aug 2022 11:41 PM IST
सार
याची का कहना है कि वह तदर्थ डाक्टर था। 31 अगस्त 20 को पीलीभीत से सेवानिवृत्त हुआ। हाईकोर्ट ने 18 फरवरी 21 को सेवा नियमितीकरण से इंकार के 10 अक्टूबर 12 के विभागीय आदेश को रद्द करते हुए सेवा नियमितीकरण पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
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- फोटो : istock
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हकीम परवाज उलूम की सेवा के नियमितीकरण मामले में राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने डॉ.परवाज उलूम की याचिका पर दिया है।
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याची का कहना है कि वह तदर्थ डाक्टर था। 31 अगस्त 20 को पीलीभीत से सेवानिवृत्त हुआ। हाईकोर्ट ने 18 फरवरी 21 को सेवा नियमितीकरण से इंकार के 10 अक्टूबर 12 के विभागीय आदेश को रद्द करते हुए सेवा नियमितीकरण पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया। लेकिन, विभाग की ओर से यह कहते हुए नियमित करने की मांग अस्वीकार कर दी गई कि याची सेवानिवृत्त हो चुका है। इसकी नियुक्ति को चुनौती दी गई है।
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याची ने प्रोविजनल पेंशन की भी मांग की। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से पहले याची सेवानिवृत्त हो चुका था। इसकी जानकारी कोर्ट को थी या नहीं, स्पष्ट नहीं है। ऐसे में प्रोविजनल पेंशन नहीं दी जा सकती। याचिका पर जवाब मांगा गया है।
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