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High Court: प्रेमी जोड़े की शादी के प्रमाणपत्र पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने SHO को दिए सत्यता की जांच करने का आदेश

Mon, 14 Oct 2024 12:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 14 Oct 2024 12:58 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने शिवानी केसरवानी व एक अन्य की याचिका पर दिया है। प्रयागराज निवासी शिवानी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

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High Court: Questions raised on marriage certificate of lovers, HC orders SHO to investigate veracity
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचओ कोतवाली प्रयागराज को शादीशुदा बताकर सुरक्षा मांगने आए याची जोड़े की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कहा है कि पता करें कि याची जोड़े की शादी किसने कराई, विवाह प्रमाणपत्र किस संस्था ने दिया, जिस पुरोहित ने शादी कराई उसकी पूरी जानकारी इकट्ठा करें। वहीं, याची जोड़े जांच में सहयोग न करें तो उन्हें अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाए।

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यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने शिवानी केसरवानी व एक अन्य की याचिका पर दिया है। प्रयागराज निवासी शिवानी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि वे बालिग हैं। उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है। विपक्षियों से उन्हें जान को खतरा है। इस पर कोर्ट ने एसएचओ कोतवाली से कथित शादी कराने वाली संस्था आर्य समाज चौक प्रयागराज के अध्यक्ष, सचिव व पुरोहित को 25 सितंबर को पेश करने का आदेश दिया था।

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आर्य समाज की ओर से अधिवक्ता आरबी मिश्र ने बताया कि कोर्ट में प्रस्तुत किया गया शादी का प्रमाणपत्र उनकी संस्था ने जारी नहीं किया है। वहीं, पुरोहित पंकज शुक्ल ने भी कहा कि उन्होंने याचियों की शादी नहीं कराई है और न ही विवाह प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किया है।

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कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसएचओ कोतवाली को याचियों से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया। अधिवक्ता आरबी मिश्र को न्यायमित्र नियुक्त कर अगली सुनवाई की तिथि 16 अक्तूबर को कोर्ट का सहयोग करने का आदेश दिया है।

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