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High Court : ग्राम प्रधान चुनाव की पुनर्मतगणना पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक, एक वोट से हुई थी हार और जीत
Sun, 02 Feb 2025 09:31 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Feb 2025 09:31 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की रविवार शाम बैठी आपातकालीन अदालत ने खुर्शीद अहमद की ओर से पुनर्मतगणना के खिलाफ दाखिल याचिका पर अधिवक्ता संजीव कुमार यादव को सुन कर दिया।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सगड़ी तहसील के जोगियाबीर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान पद के मतों की तीन फरवरी को होने वाली पुनर्मतगणना पर छह फरवरी तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की रविवार शाम बैठी आपातकालीन अदालत ने खुर्शीद अहमद की ओर से पुनर्मतगणना के खिलाफ दाखिल याचिका पर अधिवक्ता संजीव कुमार यादव को सुन कर दिया।
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मामला आजमगढ़ के अजमतगढ़ विकास खंड क्षेत्र के जोगियाबीर ग्राम में प्रधान पद पर के लिए हुए चुनाव के बाद 21 मई को मतगणना कराई गई थी। ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए कुल 1170 मत पड़े थे। जबकि 1167 वोटों की मतगणना हुई थी। जिसमें प्रथम मतदान केंद्र पर 313 मत, द्वितीय मतदान केंद्र पर 376 मत, तृतीय मतदान केंद्र पर 481 मत पड़े थे। मतगणना में खुर्शीद को 256 मत और मोबिन को 255 मत प्राप्त हुए थे। निर्वाचन अधिकारी ने एक मत से खुर्शीद को विजेता घोषित कर दिया था।
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पराजित प्रत्याशी मोबिन की शिकायत पर जिला अदालत ने आदेश पुनर्मतगणना का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में मामला सुनवाई के लिए पुनः उपजिलाधिकारी सगड़ी को सुपुर्द कर दिया गया। उपजिलाधिकारी सगड़ी ने जोगियाबीर ग्राम पंचायत के प्रधान पद की पुनः मतगणना तीन फरवरी को दिन में 11 बजे कराने का आदेश दिया था।
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इसके खिलाफ खुर्शीद अहमद ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वसंत पंचमी के कारण कोर्ट बंद रहने के दौरान रविवार की शाम अदालत ने आपातकालीन सुनवाई की। इस दौरान विपक्षी के अधिवक्ता की गैरमौजूदगी के कारण विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि, यातायात बाधित रहने के कारण अदालत बंद होने के आधार पर कोर्ट ने याची को फौरी राहत देते हुए तीन फरवरी को होने वाली पुनर्मतगणना पर कोर्ट ने रोक लगा दी।