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Allahabad High Court : प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी अपने अधिकारियों को काम करने की दें ट्रेनिंग

Thu, 28 Jul 2022 02:11 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Jul 2022 02:11 AM IST
सार

Allahabad High Court News : कोर्ट ने DM बलिया व SDM रसड़ा से आदेश के अनुपालन का हलफनामा मांगा है और जबरन ढहाए गये मकान की नवैयत में बदलाव न करने का निर्देश दिया है। Court ने विवादित संपत्ति पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी है।

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High Court Principal Secretary and Home DGP should trained officers to work
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस  प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक को अधिकारियों को अपने कर्तव्य का पालन करने का प्रशिक्षण देने के कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिस पुलिस पर नागरिकों के जीवन व उसके संपत्ति की रक्षा का दायित्व है, वही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्य का पालन न कर मनमानी व अवैध कार्रवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारी बलिया व एसडीएम रसड़ा से आदेश के अनुपालन का हलफनामा मांगा है और जबरन ढहाए गये मकान की नवैयत में बदलाव न करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने विवादित संपत्ति पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी है। याचिका की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने मोहम्मद सईद की द्वितीय अपील की सुनवाई करते हुए दिया है।

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High Court Principal Secretary and Home DGP should trained officers to work
allahabad high court - फोटो : social media

मामले में अपीलार्थी को मकान से बेदखल करने का सिविल वाद लंबित था। बिना कोर्ट आदेश के एसडीएम रसड़ा, जिला बलिया ने कोतवाली पुलिस को मकान खाली कराकर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। जिस पर कोर्ट ने विपक्षी से दो हफ्ते में जानकारी मांगी है।पुलिस की भूमिका पर कोर्ट ने अपने 12 जुलाई 22 के आदेश से अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा था।

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ट्रेनी सीओ, एसएचओ कोतवाली उस्मान, दरोगा पुलिस चौकी उत्तरी, रवीन्द्र कुमार पटेल व क्राइम इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एसडीएम ने कोर्ट के डिक्री का पालन करने का निर्देश दिया था। जिस पर मकान खाली कराकर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने चिन्हित किया था। जबकि, एसपी बलिया की रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस जबरन घर में घुसी गाली गलौज किया और अपीलार्थी के परिवार को बाहर निकाल दिया। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि उसे दरोगा ने कोतवाली बुलाया । किंतु यह नहीं बताया कि उनके कोतवाली पहुंचने से पहले ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा चुकी थी।


पुलिस दल ने तत्परता दिखाई और अवैध कार्रवाई की तथा अपने दायित्व का निर्वाह नहीं किया। सिविल कोर्ट के पावर को मनमाने ढंग से मजिस्ट्रेट ने हड़प लिया। कोर्ट ने एसडीएम के आदेश को अवैध करार दिया है। जिस पर कोर्ट ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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