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High Court : बर्खास्त लेखपाल पर विजिलेंस जांच के आदेश, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
Thu, 16 Apr 2026 04:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Apr 2026 04:01 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बर्खास्त लेखपाल पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर विजिलेंस जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एडीजी एसटीएफ की अध्यक्षता में गठित टीम को 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बर्खास्त लेखपाल पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर विजिलेंस जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एडीजी एसटीएफ की अध्यक्षता में गठित टीम को 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही कानपुर नगर के कमिश्नर और याची को जांच में पूरा सहयोग करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने आलोक दूबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
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कानपुर नगर के आलोक दूबे पहले लेखपाल पद पर तैनात थे। 1993 में उन्हें राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति मिली। आरोप है कि 2019 से 2024 के बीच उन्होंने अपने, पत्नी और बच्चों के नाम पर 45 जमीनों का बैनामा कराया। डीएम ने उन्हें पदावनत कर लेखपाल बना दिया। इस आदेश के खिलाफ अपील पर कमिश्नर ने सजा बढ़ाते हुए बर्खास्तगी का आदेश पारित कर दिया।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि सजा बढ़ाते समय कारण स्पष्ट नहीं किए गए और न ही याची को सुनवाई का अवसर दिया गया, जो नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। वहीं, सरकार की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपों की गंभीरता और व्यवस्था में जनविश्वास बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई है।
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