फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Order: Expedite demolition of vacant bungalows for the construction of a multi-specialty hospital.

हाईकोर्ट का आदेश : मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए खाली बंगलों का जल्द करें ध्वस्तीकरण

Sun, 06 Sep 2026 11:56 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 06 Sep 2026 11:56 AM IST
सार

Allahabad High Court Order : प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल के आसपास मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण की राह में आ रहे सरकारी बंगलों को हटाने की प्रक्रिया तेज होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खाली कराए जा चुके बंगलों का जल्द ध्वस्तीकरण कराने के साथ अस्पताल निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। 21 सरकारी बंगलों में से अब तक 19 खाली कराए जा चुके हैं।

विज्ञापन
High Court Order: Expedite demolition of vacant bungalows for the construction of a multi-specialty hospital.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एसआरएन अस्पताल के आसपास स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि पर खाली कराए गए सरकारी बंगलों को गिराने की कार्यवाही जल्द पूरी की जाए। साथ ही मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि भी सुरक्षित रखी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने दिया है।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान कोर्ट को राज्य सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड के सचिव ने परिसर खाली कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने 15 और सीडीओ हर्षिका सिंह की ओर से एक सप्ताह का वक्त मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि पर 21 सरकारी बंगलों में से 19 खाली कराए जा चुके हैं। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को आदेश दिया है कि खाली हो चुके बंगलों के बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं। दो सप्ताह में इन बंगलों की खिड़कियों-दरवाजों को हटाने और उनकी चल संपत्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाए।

विज्ञापन

कोर्ट ने प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कहा है कि शेष बंगलों के खाली होते ही निर्माण संरचनाओं के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। ट्रॉमा सेंटर और मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के बजट पर भी कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कहा है कि ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए जारी धनराशि सरकार को वापस न भेजी जाए। इसे उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम (यूपीएससीआईडीसीओ) मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को स्थानांतरित करे, ताकि एक राष्ट्रीयकृत बैंक में सुरक्षित रखी जाएगी। इस राशि का उपयोग अंतिम डीपीआर के अनुसार मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए ही किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूपीएससीआईडीसीओ के प्रबंध निदेशक का आश्वासन, दो लिफ्ट 15 तक चालू हो जाएंगी

उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम (यूपीएससीआईडीसीओ) के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि अस्पताल परिसर में लिफ्ट का काम तेजी से चल रहा है। दो लिफ्टों की सामग्री आ चुकी है। 15 सितंबर तक लिफ्ट चालू हो जाएंगी। दो अन्य लिफ्टों की सामग्री 12 सितंबर तक पहुंचेगी। ऐसे में वे 30 सितंबर तक पूरी तरह कार्य करने लगेंगी। इस पर कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी। अगली सुनवाई पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed