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High Court : अवैध हिरासत पर एक लाख मुआवजा, एसएचओ-आईओ को कोर्ट उठने तक हिरासत

Sat, 21 Feb 2026 01:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Feb 2026 01:30 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ललितपुर के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी को 14 से 16 सितंबर 2025 तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया, जबकि औपचारिक गिरफ्तारी 17 सितंबर को दिखाई गई।

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High Court: One lakh compensation for illegal detention, SHO-IO detained till rising of court
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ललितपुर के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी को 14 से 16 सितंबर 2025 तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया, जबकि औपचारिक गिरफ्तारी 17 सितंबर को दिखाई गई। सीसीटीवी फुटेज पेश न किए जाने और हिरासत की अवधि पर विरोधाभास सामने आने पर कोर्ट ने इसे अनुच्छेद-21 व 22 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन माना। साथ ही कोर्ट ने अवैध हिरासत पर एक लाख मुआवजा और एसएचओ-आईओ को कोर्ट उठने तक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने सानू उर्फ राशिद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने सहआरोपियों के साथ मिलकर लोनधारकों के नाम पर खाते खुलवाए और बजाज फाइनेंस लिमिटेड से स्वीकृत ऋण राशि उनमें ट्रांसफर कराई। आरोप है कि अधिकांश रकम निकाल ली गई और लोनधारकों को बहुत कम धन दिया गया। इसी मामले में आरोपी के खिलाफ कोतवाली ललितपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ललितपुर के बार-बार आदेश के बावजूद 14-15 सितंबर 2025 के सीसीटीवी फुटेज पेश न करने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसलों परमवीर सिंह सैनी और डीके बसु के निर्देशों का हवाला देते हुए एसएचओ व विवेचक को अवमानना का दोषी ठहराया। साथ ही दोनों को कोर्ट उठने तक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

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अदालत ने राज्य सरकार को अवैध हिरासत के लिए आरोपी को एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारियों से की जा सकती है। साथ ही आरोपी को 15 लाख रुपये कंपनी को लौटाने की शर्त पर जमानत दी। 

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