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high court news: अदालत से सच्चाई छिपाने पर लगा तीन लाख रुपये हर्जाना
Mon, 25 Jan 2021 08:33 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Jan 2021 08:33 PM IST
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allahabad high court
- फोटो : social media
अदालत से सच्चाई छिपाकर गुमराह करने की कोशिश को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत की नूर हसन पर तीन लाख रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही चेतावनी दी है कि वह भविष्य में ऐसी गलती न करे।
याचिका पीलीभीत के चंदरपुरा की ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार छीनने के खिलाफ दाखिल की गई थी। इसी मामले में हाईकोर्ट में दाखिल तीन याचिकाएं खारिज पहले ही खारिज हो चुकी हैं। इस बार दाखिल की गई याचिका में इस बात की जानकारी नहीं दी गई।
तथ्य छिपाकर फिर से याचिका दायर करने पर कोर्ट ने याची पर तीन लाख रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी है और एक माह में हर्जाना न जमा करने पर राजस्व वसूली प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने ग्राम प्रधान नूर हसन की याचिका पर दिया है।
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बार-बार याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने याची को तलब किया था। याची ने हाजिर होकर कहा वह पांचवीं तक पढ़ी है। कानून की जानकारी नहीं है। भविष्य में ऐसी गलती नहीं दुहराएगी। उसे माफ किया जाए। कोर्ट ने शर्तों के साथ गलती मानने को अवमानना माना और हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी।
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याचिका पीलीभीत के चंदरपुरा की ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार छीनने के खिलाफ दाखिल की गई थी। इसी मामले में हाईकोर्ट में दाखिल तीन याचिकाएं खारिज पहले ही खारिज हो चुकी हैं। इस बार दाखिल की गई याचिका में इस बात की जानकारी नहीं दी गई।
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तथ्य छिपाकर फिर से याचिका दायर करने पर कोर्ट ने याची पर तीन लाख रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी है और एक माह में हर्जाना न जमा करने पर राजस्व वसूली प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने ग्राम प्रधान नूर हसन की याचिका पर दिया है।
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बार-बार याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने याची को तलब किया था। याची ने हाजिर होकर कहा वह पांचवीं तक पढ़ी है। कानून की जानकारी नहीं है। भविष्य में ऐसी गलती नहीं दुहराएगी। उसे माफ किया जाए। कोर्ट ने शर्तों के साथ गलती मानने को अवमानना माना और हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी।