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high court: गैंगस्टर में दुकान कुर्क करने पर डीएम जौनपुर से जानकारी तलब
Tue, 05 Oct 2021 08:33 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 05 Oct 2021 08:33 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही में जय श्रीकृष्ण बिल्डिंग मैटीरियल शॉप को कुर्क करने पर जिलाधिकारी जौनपुर व एसडीएम शाहगंज से जानकारी मांगी है। याची का कहना है कि शॉप जिलाधिकारी द्वारा जारी गैंगस्टर संपत्ति सूची में शामिल नहीं है। इसके खिलाफ प्रत्यावेदन देने पर भी सुनवाई न होने पर यह याचिका दाखिल की गई है। याचिका की सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति रामकृष्ण गौतम की खंडपीठ ने श्रीमती रीना यादव की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि याची के पति नगर पंचायत खेतासराय के तीन बार सभासद रहे हैं। उनका एसएन श्रीवास्तव से विवाद हो गया। इनके रिश्तेदार अजय कुमार श्रीवास्तव शाहगंज के सीओ हैं।
24 फरवरी 19 को याची के खिलाफ गिरोहबंद कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई। कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी । इसके बाद थाना प्रभारी ने संपत्ति की कुर्की कार्यवाही रिपोर्ट दी। जिलाधिकारी ने 7 अगस्त 20 को कुर्की आदेश जारी किया। सूची में शामिल न होने के बावजूद शॉप की कुर्की की जा रही है।
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मालूम हो कि ट्रक में देशी शराब पकड़ी गई थी। उसके सामने प्रवीण कुमार की स्कॉर्पियो गाड़ी थी। 40 लाख की शराब बरामद की गई। 10 जुलाई 18 को एफआईआर दर्ज कराई गई और एक्साइज एक्ट में भी कार्यवाही की गई। याची के पति से कोई सरोकार न होने के बावजूद आरोपी बनाया गया। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। खीझ कर गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसमें भी याची के पति की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद कुर्की की कार्यवाही की गई है। उस संपत्ति को भी कुर्क कर लिया गया, जिसका डीएम के आदेश में उल्लेख नहीं है। इसे चुनौती दी गई। कोर्ट ने सरकारी वकील से 21 से 28 सितंबर तक जानकारी मांगी। 28 सितंबर को सरकारी वकील ने फिर से समय मांगा। जिसपर कोर्ट ने 7 अक्तूबर को जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति रामकृष्ण गौतम की खंडपीठ ने श्रीमती रीना यादव की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि याची के पति नगर पंचायत खेतासराय के तीन बार सभासद रहे हैं। उनका एसएन श्रीवास्तव से विवाद हो गया। इनके रिश्तेदार अजय कुमार श्रीवास्तव शाहगंज के सीओ हैं।
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24 फरवरी 19 को याची के खिलाफ गिरोहबंद कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई। कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी । इसके बाद थाना प्रभारी ने संपत्ति की कुर्की कार्यवाही रिपोर्ट दी। जिलाधिकारी ने 7 अगस्त 20 को कुर्की आदेश जारी किया। सूची में शामिल न होने के बावजूद शॉप की कुर्की की जा रही है।
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मालूम हो कि ट्रक में देशी शराब पकड़ी गई थी। उसके सामने प्रवीण कुमार की स्कॉर्पियो गाड़ी थी। 40 लाख की शराब बरामद की गई। 10 जुलाई 18 को एफआईआर दर्ज कराई गई और एक्साइज एक्ट में भी कार्यवाही की गई। याची के पति से कोई सरोकार न होने के बावजूद आरोपी बनाया गया। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। खीझ कर गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसमें भी याची के पति की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद कुर्की की कार्यवाही की गई है। उस संपत्ति को भी कुर्क कर लिया गया, जिसका डीएम के आदेश में उल्लेख नहीं है। इसे चुनौती दी गई। कोर्ट ने सरकारी वकील से 21 से 28 सितंबर तक जानकारी मांगी। 28 सितंबर को सरकारी वकील ने फिर से समय मांगा। जिसपर कोर्ट ने 7 अक्तूबर को जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है।