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हाईकोर्ट : आपराधिक मामलों में त्वरित रिपोर्ट न भेजने पर हाईकोर्ट खफा, महानिबंधक को अनुपालन कराने का ओदश
Wed, 28 Feb 2024 12:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 28 Feb 2024 12:45 PM IST
सार
मामले में याची के खिलाफ फूलपुर थाने में आठ वर्ष पूर्व आपराधिक षड्यंत्र, हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर रखी है।
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- फोटो : Social Media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों की रिपोर्ट भेजने में विलंब करने पर ट्रायल कोर्ट की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। कहा कि इससे आरोपी व्यक्तियों की कैद लंबी होती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ ने प्रयागराज फूलपुर के निवासी मनोज तिवारी की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में याची के खिलाफ फूलपुर थाने में आठ वर्ष पूर्व आपराधिक षड्यंत्र, हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर रखी है। कोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश में ट्रायल कोर्ट से मामले में आठ बिंदुओं पर विवरण तलब किया था, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर महानिबंधक को आदेश दिया है कि वह मामले में ट्रायल कोर्ट से रिकॉर्ड तलब करें। मामले की सुनवाई अब 29 फरवरी को होगी।
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