High Court : नजूल जमीन की मालिक है सरकार, फ्रीहोल्ड करने का उसे अधिकार, एडीएम के आदेश पर मुहर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल लाइंस के बंगला नंबर-11 को तबस्सुम गजाला के पक्ष में फ्रीहोल्ड करने के अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम नजूल) के आदेश पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि नजूल जमीन की मालिक सरकार है। उसे भूमि फ्रीहोल्ड करने का पूरा अधिकार है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल लाइंस के बंगला नंबर-11 को तबस्सुम गजाला के पक्ष में फ्रीहोल्ड करने के अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम नजूल) के आदेश पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि नजूल जमीन की मालिक सरकार है। उसे भूमि फ्रीहोल्ड करने का पूरा अधिकार है। अपर जिला मजिस्ट्रेट का आदेश सरकार के नीतिगत फैसले के अनुरूप ही है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की अदालत ने रवि बाला गर्ग व एक अन्य की ओर से दाखिल प्रथम अपील को खारिज करते हुए दिया है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस की नजूल भूमि पर बंगला नंबर-11 स्थित है। सहर बानो इस बंगले की पट्टा धारक थीं। 20 जून 1976 को उन्होंने एक लाख में महेश चंद्र गुप्ता के पक्ष में विक्रय करार किया। 02 सितंबर 1978 को सहर बानो की मौत हो गई। इसके बाद जावेद हैदर, नावेद हैदर और तनवीर हैदर सहित अन्य ने सहर बानो के वारिस होने का दावा किया।
वहीं, 55 हजार रुपये में महेश चंद्र गुप्ता ने उक्त जमीन का बैनामा कराने के लिए उदय राम गर्ग को नामित कर दिया। साथ ही जावेद व उसके परिजनों को जमीन बेचने से रोकने की मांग को लेकर सिविल वाद दायर कर दिया। इस पर सिविल कोर्ट ने 28 फरवरी 1979 को निषेधाज्ञा जारी कर दी। 21 दिसंबर 83 को उदय राम गर्ग की मौत के बाद उनकी वसीयत सामने आई।
इन सभी कार्यवाहियों के बीच प्रयागराज के एडीएम नजूल ने 1991 की सरकारी नीति के तहत नजूल भूमि तबस्सुम गजाला के पक्ष में फ्रीहोल्ड कर दिया। इसकी वैधता को उदय राम गर्ग के वारिसों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी।