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गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये बकाया भुगतान का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
Mon, 21 Sep 2020 10:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 21 Sep 2020 10:56 PM IST
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गन्ना
- फोटो : सोशल मीडिया
गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये बकाया भुगतान न किए जाने पर हाईकोर्ट ने सख्त आदेश पारित किया है। कोर्ट ने कहा कि किसानों की बकाया रकम का दो माह के भीतर बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल रुदौली, बस्ती से भुगतान कराया जाए। जरूरत हो तो सरकार शुगर मिल के निदेशक व अन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी सहित कठोर कदम उठाए।
अदालत का कहना है कि कानून के तहत गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति के 15 दिन के भीतर भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान पर 12 फीसदी ब्याज देने का नियम है। कोर्ट ने कहा कि याची किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान पाने का विधिक अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कनिक राम व अन्य की याचिका पर दिया है। याचीगण गन्ना उत्पादक किसान है।
याचीगण का कहना है कि 2019-20 पेराई सत्र में उन्होंने सहकारी गन्ना समिति के मार्फत कंपनी को गन्ने की आपूर्ति की। कुल 28086 किसानों का गन्ना कंपनी ने खरीदा और केवल 7639 किसानों का ही भुगतान किया गया है। 20447 किसानों को एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया। कुल 132.5194 करोड़ में से 19.6035 कोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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113.9159 करोड़ रुपये बकाया है। कोर्ट ने वसूली नोटिस पर कड़ाई से अमल कर भुगतान कराने का राज्य सरकार व जिलाधिकारी बस्ती को निर्देश दिया है। इससे पूर्व अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। चीनी मिल का कहना था कि भुगतान की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है और फरवरी 2022 तक भुगतान कर दिया जाएगा। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
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अदालत का कहना है कि कानून के तहत गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति के 15 दिन के भीतर भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान पर 12 फीसदी ब्याज देने का नियम है। कोर्ट ने कहा कि याची किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान पाने का विधिक अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कनिक राम व अन्य की याचिका पर दिया है। याचीगण गन्ना उत्पादक किसान है।
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याचीगण का कहना है कि 2019-20 पेराई सत्र में उन्होंने सहकारी गन्ना समिति के मार्फत कंपनी को गन्ने की आपूर्ति की। कुल 28086 किसानों का गन्ना कंपनी ने खरीदा और केवल 7639 किसानों का ही भुगतान किया गया है। 20447 किसानों को एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया। कुल 132.5194 करोड़ में से 19.6035 कोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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113.9159 करोड़ रुपये बकाया है। कोर्ट ने वसूली नोटिस पर कड़ाई से अमल कर भुगतान कराने का राज्य सरकार व जिलाधिकारी बस्ती को निर्देश दिया है। इससे पूर्व अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। चीनी मिल का कहना था कि भुगतान की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है और फरवरी 2022 तक भुगतान कर दिया जाएगा। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।