फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Demand for hearing as a preliminary issue 18 years after the suit is mala fide

High Court : वाद के 18 साल बाद प्रारंभिक मुद्दे के रूप में सुनवाई की मांग बदनीयती, याचिका निस्तारित

Sat, 21 Mar 2026 01:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Mar 2026 01:17 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वाद दायर होने के 18 साल बाद प्रारंभिक मुद्दे के रूप में सुनवाई की मांग करना बदनीयती हैं।

विज्ञापन
High Court: Demand for hearing as a preliminary issue 18 years after the suit is mala fide
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वाद दायर होने के 18 साल बाद प्रारंभिक मुद्दे के रूप में सुनवाई की मांग करना बदनीयती हैं। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह एक वर्ष के भीतर सभी पक्षों को सुनकर मुकदमे का अंतिम निस्तारण सुनिश्चित करें। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने बस्ती निवासी पारस उर्फ रामपारस की याचिका निस्तारित कर दी।

विज्ञापन


मामला 2006 के दीवानी मुकदमे से जुड़ा है, जिसमें वसीयत को रद्द करने की मांग की गई थी। 2008 में मुद्दे तय कर दिए गए थे और वादी के साक्ष्य भी दर्ज हो चुके थे। 18 साल के बाद प्रतिवादी पारस ने 2025 में आवेदन देकर क्षेत्राधिकार और परिसीमा से जुड़े मुद्दों को पहले तय करने की मांग की। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed